बांदा। शहर में दिनदहाड़े घर में घुसकर महिला की चाकुओं से गोदकर हत्या के बाद शव जला देने और जेवरात लूट लेने के जुर्म में दो आरोपियों को उम्रकैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। फैसला नौ साल बाद आया। दोनों अभियुक्त घटना के बाद से ही जेल में हैं।
शहर के नोनिया मुहाल (कटरा) निवासी पप्पू सिंह पुत्र धर्मराज सिंह ने कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 20 दिसंबर 2010 को दिन में 10 बजे उसकी मां सीमा सिंह पत्नी धर्मराज सिंह घर में अकेली थी। घर के अन्य सदस्य बबेरू में थे। इसी दौरान बाबूराम उर्फ पुष्पेंद्र वर्मा पुत्र छोटे लाल और इमाम अली पुत्र नजीर अली निवासीगण गायत्री नगर (बांदा) ने घर में घुसकर उसकी मां सीमा सिंह की चाकुओं से हत्या कर दी और पहने हुए जेवर उतार लिए।
शव को आग के हवाले कर दोनों भाग निकले। घर से धुआं निकलता देख पड़ोसियों ने उसे (पप्पू सिंह) सूचना दी। पड़ोसियों ने बदमाशों को भागते हुए देख लिया और पहचान लिया था। इसीलिए नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध धारा 302, 394, 411, 201 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर अगले ही दिन लूटे गए जेवर और हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया गया। दोनों की जमानत हाईकोर्ट से भी खारिज हो गई।
लगभग 9 वर्षों तक चली अदालती प्रक्रिया के बाद गुरुवार को यहां विशेष न्यायाधीश (डकैती कोर्ट) कृष्ण यादव ने इस मामले का फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। धारा 201 और धारा 411 में क्रमश: 5 वर्ष व 3 वर्ष की कैद और जुर्माने से दंडित किया।
सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी ने सात गवाह पेश किए और पैरवी की।