दलित महिला की हत्या के जुर्म में आरोपी पति-पत्नी को अब उम्र जेल में बितानी पड़ेगी। अदालत ने दोनों को उम्रकैद की सजा दी है। 5000 रुपये जुर्माना भी किया है। हालांकि दोषियों ने हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती देने की बात कही है।
घटना कमासिन थाना क्षेत्र की है। कमासिन गांव में रामअवध रैदास ने 10 जून 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 45 वर्षीय पत्नी कमला देवी शाम को करीब 4 बजे घर के बाहर दीवार की छपाई कर रही थी। तभी उसके घर के बगल में रहने वाले महेश यादव की पत्नी कल्ली देवी ने उसे रोक कर अभद्रता की। कुछ ही देर में कल्ली का पुत्र चुनकावन भी आ गया। उसने कमला के सिर पर कुल्हाड़ी मार दी। इससे उसकी वहीं मौत हो गई थी।
नामजद रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपी को कुल्हाड़ी समेत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह सेंगर ने सात गवाह पेश किए। मंगलवार को विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) हरीनाथ पांडेय ने इस मुकदमे का फैसला सुनाते हुए पति-पत्नी महेश्वर यादव और कल्ली देवी को धारा 302/34 में आजीवन कारावास और 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न कर पाने पर तीन-तीन महीने जेल में और रहना पड़ेगा। एससीएसटी एक्ट मामले में अदालत ने दोनों को बरी कर दिया।