खेत में सोते समय दिनदहाड़े सिर में कुल्हाड़ी मारकर गंभीर रूप से घायल किसान की छठवें दिन मौत हो गई। उधर, इस मामले में पुलिस रवैये से उत्तेजित परिजनों और ग्रामीणों ने यूपी-एमपी की सरहद पर मुख्य सड़क में शव रखकर जाम लगा दिया। क्षेत्रीय विधायक और पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर तीन घंटे बाद जाम खत्म हुआ।
नरैनी कोतवाली क्षेत्र के रामपुर मोटेपुरवा (कनाय) में 17 फरवरी को दोपहर बंटाई पर लिए खेत में लगभग 40 वर्षीय गनेशा पुत्र नंदा प्रसाद सो रहा था। दिन में करीब दो बजे सोते-पड़े गांव के कुछ लोगों ने उसके सिर पर कुल्हाड़ी मार दी। वह गंभीर रूप से घायल हो गया। भाई और परिजन उसे तत्काल नरैनी कोतवाली लाए। यहां से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। वहां से जिला अस्पताल रिफर कर दिया। जिला अस्पताल से कानपुर और कानपुर से ग्वालियर रिफर कर दिया गया। सोमवार (22 फरवरी) को ग्वालियर मेें उसकी मौत हो गई। रात में ही परिजन उसका शव लेकर गांव आ गए।
मंगलवार को सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने शव को अजयगढ़-करतल मुख्य मार्ग पर रखकर सड़क जाम कर दी। मृतक के परिजनों का आरोप था कि इस मामले में पुलिस शुरू से ही ढीलाढाला और आरोपियों को बचाने का रवैया अपना रही थी। उचित धारा में एफआईआर भी दर्ज नहीं की। मेडिकल रिपोर्ट न मिलने का बहाना किया जाता रहा। पुलिस अभियुक्तों के घर पहरेदारी करती रही। जाम से दोनों ओर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। दोपहर को क्षेत्रीय विधायक जीसी दिनकर और क्षेत्राधिकारी किरन सिंह आ गईं।
विधायक ने भी पुलिस के रवैये पर रोष जताया। क्षेत्राधिकारी ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि हत्या की रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। इस पर नत्थू पुत्र रामहित, भवानीदीन पुत्र जागेश्वर और राजीव पुत्र बाबूल के विरुद्ध परिजनों ने तहरीर दी है। यह तीनों रामपुर गांव के हैं। उप जिलाधिकारी ने मृतक के परिजनों को 30 हजार रुपये की सहायता देने का भी आश्वासन दिया। तीन घंटे बाद करीब एक बजे जाम खत्म हुआ।