बांदा। कोडीनयुक्त सिरप के अवैध कारोबार के मामले में औषधि विभाग ने कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है।
अवैध कारोबार में संलिप्तता के मामले में अतर्रा के तीन और हमीरपुर के एक मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस देकर जवाब मांगा गया था। अब विभाग ने चारों मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। निर्धारित समय बीतने के बाद भी किसी ने जवाब नहीं दिया है।
मामले में हमीरपुर निवासी रवींद्र गुप्ता की तलाश में पुलिस टीम हमीरपुर में छानबीन कर रही है। पुलिस के अनुसार वह बार-बार ठिकाने बदल रहा है, जिससे उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
सहायक आयुक्त औषधि वीरेंद्र कुमार ने बताया कि कोडीनयुक्त सिरप प्रकरण में अतर्रा के तीन और हमीरपुर के एक मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस जारी करके उनसे कारोबार के सिलसिले में जवाब मांगा गया था लेकिन अब तक जवाब नहीं दिया गया है। जवाब नहीं मिलने पर विभाग की ओर से अब चारों मेडिकल स्टोर के लाइसेंस को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि प्रकरण में सबसे अहम कड़ी हमीरपुर निवासी रवींद्र गुप्ता है। इसकी तलाश के लिए पुलिस टीम पिछले कई दिन से हमीरपुर व आसपास के इलाके में छानबीन कर रही हैं।
बार-बार जगह बदलने के कारण रवींद्र पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहा है। इसके साथ ही अवैध कारोबार के मामले में जेल में बंद पांच आरोपियों से पूछताछ के लिए पुलिस ने रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र भी कोर्ट में दाखिल किया है।
जेल में निरुद्ध आरोपियों में अतर्रा निवासी प्रियांशु गुप्ता उर्फ किशन, बिसंडा के नहर पुरवा निवासी धीरेंद्र, अतर्रा निवासी प्रवीण उर्फ लकी, अतर्रा निवासी रोहित पांडेय और हापुड़ निवासी डीसीएम चालक शेखर शामिल हैं।
हमीरपुर निवासी रवींद्र गुप्ता, अतर्रा के प्रियांशु का बहनोई है। रवींद्र गुप्ता की फर्म ओम मेडिकल एजेंसी के नाम पर कोडीनयुक्त सिरप का कारोबार हो रहा था।