दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा विभाग का लाइसेंस अपने
प्रतिष्ठान या दुकान के बाहर लगाना होगा। उल्लंघन करने पर खाद्य सुरक्षा
अधिनियम के तहत दो लाख रुपये तक जुर्माना या साल भर की जेल हो सकती है।
शासन के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने व्यवसायियों को लाइसेंस बाहर
टांगने के लिए सप्ताह भर की मोहलत दी है।
मिलावटखोरी रोकने के लिए
शासन ने बिना लाइसेंस खाद्य वस्तुएं बेचने वालों पर शिकंजा कसने के लिए
अभियान शुरू किया है। मंडल में 12,401 व्यवसायियों ने खाद्य वस्तु बेचने का
लाइसेंस ले रखा है। इनमें सबसे ज्यादा 4300 लाइसेंसधारी बांदा में हैं।
चित्रकूट
में 2160, महोबा में 2776 और हमीरपुर में 3165 लाइसेंस धारक हैं। शासनादेश
के मुताबिक प्रतिष्ठान या दुकान के बाहर बोर्ड में लाइसेंस लेने की तिथि,
रिन्यूवल तिथि और दुकानदार का नाम समेत पूरा ब्योरा दर्ज होगा।
मुख्य
खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रमोद त्रिपाठी ने बताया कि व्यवसायियों को सप्ताह
भर का समय दिया गया है। इसके बाद निरीक्षण में यदि लाइसेंस बोर्ड बाहर
नहीं मिला तो खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 56 के तहत कार्रवाई की जाएगी।