बांदा में पंजाब नेशनल बैंक के बाहर महिलाओं की लगी कतार।
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सोमवार को छुट्टी के बाद मंगलवार को बैंक और एटीएम खुलने से पहले ही इनके द्वारों पर लंबी लाइनें लग गईं। लाइनों में बूढ़े, युवक और महिलाएं सभी शामिल थे। बैंक और एटीएम खुलते ही धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुरुषों से अलग लाइन होने के बाद भी महिलाओं को दुश्वारियां हुईं। खासकर वह महिलाएं ज्यादा परेशान हुईं जिन्हें चौका छोड़कर पहली बार बैंक की ड्योढ़ी पर लाइन लगानी पड़ी। तमाम महिलाएं एटीएम इस्तेमाल का तरीका न जानने से परेशान हुईं।
गायत्री नगर निवासी माया ने बताया कि बेटा बीमार है। दवा के लिए पैसे नहीं बचे। बीमार बेटे को घर पर छोड़कर दोपहर से स्टेट बैंक की मुख्य शाखा की लाइन में आ लगी। कई घंटे के बाद उसका नंबर आने से पहले ही बैंक ने काउंटर बंद कर दिया। बैंक कर्मियों से वह बहुत गिड़गिड़ाई। किसी ने नहीं सुनी।
अछरौड़ गांव की सरमन देवी बैंक आफ इंडिया की लंबी लाइन में महिलाओं के साथ खड़ी थीं। चेहरा साफ बयां कर रहा था कि परेशानी में है। बताया कि सुबह 10 बजे से भूखी-प्यासी खड़ी है। दो दिसंबर को उसकी खुद की शादी है। शाम पांच बजे बारी आने पर 30 हजार रुपये जमा हुए। मिले महज 4500 रुपये।
चौक बाजार की रहने वाली कृष्णाकांती बुढ़ापे में चलने-फिरने से मजबूर है। बताया कि एटीएम में गई तो उसे नहीं पता कि कौन सा बटन दबाना है। गाढ़ी कमाई इधर-उधर हो जाने के डर से लौट आई और यूनियन बैंक की लाइन में लग गई। देर तक खड़े रहने के बाद पैर जवाब दे गए। थक कर वहीं बैठ गई। बैठे-बैठे ही खिसकती रही। शाम 5 बजे नंबर आया। बमुश्किल 4500 रुपये हाथ आए।