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Banda News: पाकिस्तान की जेल से आया लक्ष्मण का वॉट्सऐप, पूछा वतन वापसी कब

Tue, 31 Mar 2026 11:16 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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फोटो - 10 धौसड गांव में खाट में लेटी शैलेंद्र की मां बुद्दी। संवाद - फोटो : 1
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तिंदवारी। तिंदवारी थाना क्षेत्र के धौसड गांव के मछुआरों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। लक्ष्मण (22) नामक एक मछुआरे ने अपनी मां को वॉट्सऐप संदेश भेजा है। इस संदेश ने परिवार को गहरी चिंता में डाल दिया है।
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संदेश में लक्ष्मण ने पाकिस्तान में चल रहे युद्ध के माहौल का जिक्र किया है। उसने अपनी रिहाई के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में पूछा है। लक्ष्मण के पिता जागेश्वर ने बताया कि उनका पुत्र जुलाई 2022 में पोरबंदर बंदरगाह से मछली पकड़ने गया था। वह अनजाने में पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश कर गया था। पाकिस्तानी सेना ने उसे गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया था। लंबे समय से परिवार को अपने बेटे के बारे में कोई खबर नहीं थी। लक्ष्मण के संदेश से परिवार में थोड़ी राहत की उम्मीद जगी है। उसने उम्मीद जताई है कि युद्ध समाप्त होने के बाद शायद उसकी रिहाई हो सके।

लक्ष्मण की मां बुद्दी अनहोनी की आशंका से लगातार बिलख रही हैं। बेटे की सलामती की चिंता ने उनकी तबीयत को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। वह इस समय खाट पकड़ने को मजबूर हैं। परिवार ने क्षेत्रीय विधायक और सांसद से गुहार लगाई है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से सक्रिय प्रयास करने की अपील की है।
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अन्य मछुआरों की स्थिति

यह केवल लक्ष्मण का मामला नहीं है। तिंदवारी थाना क्षेत्र के जसईपुर गांव के जितेंद्र, धौसड़ गांव के चांद बाबू और शैलेंद्र भी पिछले पांच सालों से पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। शैलेंद्र के पिता संजय वर्मा और क्षेत्र पंचायत सदस्य रज्जन सिंह ने बताया कि ये परिवार बेहद गरीब हैं। वे अपने बच्चों की रिहाई के लिए लगातार प्रयासरत हैं। लक्ष्मण ने पहले फोन पर बताया था कि जेल अधिकारी उसके साथ मारपीट करते हैं और कई दिनों तक खाना भी नहीं देते हैं।
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