बांदा। जेल गेट पर अब वकीलों को भी आम मुलाकातियों की तरह अपनी तलाशी देनी होगी। किसी भी बंदी से मुलाकात के लिए उन्हें अपना परिचयपत्र भी साथ लाना होगा। साथ ही काले कोट की वेशभूषा में आना पड़ेगा। मोबाइल फोन भी अंदर नहीं ले जा सकेंगे।
प्रदेश सरकार के गृह मंत्रालय ने यह नई व्यवस्था हाल ही में लागू की है। प्रदेश में कुछ स्थानों पर वकीलों के ड्रेस में आए अराजकतत्व या अपराधियों ने घटनाएं अंजाम दी हैं। इससे सबक लेकर यह नई व्यवस्था लागू की गई है। शासनादेश में मुजफ्फरनगर और नोएडा आदि में हुई ऐसी घटनाओं का हवाला भी दिया गया है।
मंडल जेल अधीक्षक एचबी सिंह ने बताया कि इसके पूर्व वकीलों की तलाशी नहीं ली जाती थी, लेकिन अब शासन के आदेश का पालन करते हुए हर अधिवक्ता की गेट पर ही सघन छानबीन और तलाशी होगी। अधिवक्ता को अपना परिचय पत्र भी दिखाना होगा। मोबाइल फोन साथ नहीं रख सकेंगे। बंदी से मुलाकात के समय बंदी रक्षक निगरानी करेंगे।
उधर, इस बारे मेें जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने कहा कि चूंकि मामला सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा है, इसलिए इसका कोई विरोध नहीं किया जाएगा। बशर्ते अधिवक्ताओं के साथ तलाशी के नाम पर किसी तरह की बदसलूकी आदि न हो। अध्यक्ष ने अधिवक्ताओं से इस व्यवस्था में सहयोग करने को कहा है।