कमिश्नरी में प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
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शहर कोतवाल को हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार से दोबारा अधिवक्ता फिर मोर्चा खोलेंगे। वकीलों ने एक से छह फरवरी तक हड़ताल पर रहने का एलान किया है। चार फरवरी को अधिवक्ता संघ अध्यक्ष आमरण अनशन पर बैठेंगे और इसी दिन पूरे बुंदेलखंड के वकील हड़ताल पर जा सकते हैं।
अधिवक्ता प्रशांत सिंह के साथ 28 दिसंबर 2018 में कोतवाल आनंद सिंह द्वारा की गई कथित बदसलूकी के विरोध में अधिवक्ता संघ कोतवाल को हटाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। 18 जनवरी को जनपद न्यायाधीश ने डीएम और एसपी से बात कर अधिवक्ताओं को कार्रवाई का भरोसा दिला हड़ताल खत्म कराई थी। कोतवाल के न हटने पर अधिवक्ता संघ कार्यालय में बृहस्पतिवार को वकीलों ने प्रदर्शन किया। संघ अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू और महासचिव श्याम सिंह ने बताया कि कोतवाल के तबादले की मांग लेकर अधिवक्ता संघ दोबारा एक फरवरी से छह फरवरी तक न्यायिक कार्य नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि संघ के संरक्षक जिला जज को प्रशासन लगातार गलत सूचनाएं देता रहा। बताया कि पहली फरवरी को जिला और तहसीलों के अधिवक्ता हड़ताल पर रहेंगे। 2 फरवरी को महोबा, चित्रकूट, हमीरपुर के वकीलों को हड़ताल पर आने का आह्वान किया। 4 फरवरी को बुंदेलखंड के सभी जनपदों में अधिवक्ताओं से हड़ताल पर रहने का अनुरोध किया गया है। अध्यक्ष ने बताया कि 4 फरवरी को सुबह 11 बजे से वह आमरण अनशन पर बैठेंगे। 7 फरवरी को संघ के नए अध्यक्ष की अध्यक्षता में बैठक होगी और अगला निर्णय लिया जाएगा।