प्रशिक्षु टीचरों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं। पहले काउंसलिंग और अब नियुक्ति पत्र लेने में दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। शनिवार को डायट में दूर-दराज जिलों से दुधमुहे बच्चों को लेकर आईं महिला प्रशिक्षु टीचर दिन भर परेशान रहीं।
हंगामा के बाद आधा सैकड़ा प्रशिक्षुओं को देर रात तक नियुक्ति पत्र बांटे गए। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू हो जाने के बाद एक तरफ हाईकोर्ट और शासन जल्द से जल्द प्रशिक्षु टीचरों को नियुक्त लेटर देने का आदेश जारी कर रहे हैं तो दूसरी तरफ बेसिक शिक्षा विभाग में हावी दलाल उनकी मंशा पर पानी फेर रहे हैं।
परिषदीय स्कूलों में नियुक्ति के लिए तीसरे चरण की काउंसलिंग के लिए 172 प्रशिक्षुओं को नियुक्ति पत्र बांटे जाने हैं। बीएसए ने शनिवार को प्रशिक्षु टीचरों को डायट में बुलवाया था।
फतेहपुर से आई रिशू सिंह ने बताया कि उनकी बड़ोखर बुजुर्ग विद्यालय में तैनाती हुई है। नियुक्त पत्र के लिए सुबह 10 बजे से छोटे बच्चे के साथ बीएसए और अन्य कर्मियों को तलाश रही हैं, लेकिन यहां सुनने वाला कोई नहीं है।
कानपुर से आईं रिचा जायसवाल ने बताया कि तैनाती के पहले उन्हें पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। नियुक्ति लेटर के लिए तीसरी बार आई हैं। रात में 10 बजे रहे हैं, लेकिन अभी तक नियुक्ति लेटर नहीं दिया गया।
उधर, रात 9 बजे के इंतजार के बाद प्रशिक्षु टीचरों का गुस्सा भड़क उठा। डायट परिसर में मौजूद करीब दो सौ प्रशिक्षु टीचरों ने हंगामा शुरू कर दिया। तब कहीं बीएसए ने नियुक्त लेटर वितरण शुरू कराया।
डायट के एक कक्ष में बीएसए डॉ.सत्यनारायण के अलावा एबीएसए तिंदवारी रामसजीवन, आरके पटेल कमासिन के अलावा कुछ दलाल भी मडराते नजर आए। करीब 49 प्रशिक्षुओं को जैसे-तैसे नियुक्ति पत्र दे दिए गए, लेकिन बीएसए व एबीएसए के हस्ताक्षर कराने को भटकते रहे। दलालों के बाबत पूछे जाने पर बीएसए बात टाल गए और बोले वे नहीं जानते ये कौन हैं?
उधर, कई प्रशिक्षुओं ने बताया कि जिन लोगों ने जेब गर्म कर दी, उन्हें पीछे के दरवाजे से हस्ताक्षर कराकर नियुक्ति पत्र बांटे गए।