टीचरों की पदोन्नति के लिए बुधवार को डायट में काउंसिंलग शुरू हुई। 266 टीचरों में 262 टीचर शामिल हुए। उधर, तमाम टीचर्स ने मंडलायुक्त को ज्ञापन देकर काउंसिलिंग में मनमानी का आरोप लगाया। सभी महिला और विकलांग टीचरों की देर शाम तक काउंसलिंग हुई।
बीएसए, डीआईओएस समेत काउंसिलिंग समिति के सदस्य उपस्थित रहे। काउंसलिंग कराने आईं महिला टीचरों को दोपहर तक भूखे-प्यासे अधिकारियों का इंतजार करना पड़ा। बीएसए के इंतजार में अन्य समिति सदस्य भी बैठे रहे। दो बजे काउंसलिंग शुरू हुई तो अफरा-तफरी का माहौल हो गया। समझाने-बुझाने के बाद टीचर शांत हुए।
उधर, वरिष्ठता के बावजूद पदोन्नति सूची से बाहर हो जाने वाले कई टीचरों ने अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया। मंडलायुक्त को सौंपे ज्ञापन में कहा कि बीएसए द्वारा नियम विरुद्ध काउंसलिंग कराई जा रही है। शासन से रिक्त पदों के मुताबिक पदोन्नति करने के आदेश थे, पर रिक्त पदों का खुलासा नहीं किया गया। यह उनके अधिकारों का हनन है।
शासनादेश के मुताबिक पूर्व माध्यमिक विद्यालय में विज्ञान, गणित, भाषा व सामाजिक विषय के शिक्षकों को पदोन्नति से अनिवार्य रूप से भरा जाना है लेकिन इसकी अनदेखी की जा रही है।
ज्ञापन देने वालों में बाबूराम प्रजापति, वीरेंद्र सिंह पटेल, अरविंद कुमार, कुलदीप कुमार, जयनारायण, अमित, सुरेंद्र, राकेश, निशांत चौरसिया, आनंद कुमार, आशुतोष गौतम, अशोक कुमार, भावेश शर्मा, संदीप, सुरेश आदि शामिल रहे।