-गांवों में गोशाला के लिए जमीनें चिह्नित, हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू
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संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। जिले के मऊ व रामनगर ब्लाक क्षेत्र के दो गांवों में वृहद गोशालाएं बनेंगी। इसके लिए गांवों में जमीनें भी चिंहित कर ली गई है। प्रत्येक गोशाला पर 1.60 करोड़ रुपये व्यय होंगे। गोशाला में पांच सौ से एक हजार अन्ना मवेशी रखने की व्यवस्था रहेगी। जमीन हस्तांतरण प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जनपद के शहरी और ग्रामीण अंचलों में अन्ना मवेशी घूमते हैं। ये मवेशी की झुंड में कभी सड़कों पर खड़े होकर यातायात व्यवस्था को अवरूद्ध कर देते हैं तो भी खेतों में घुसकर किसानों की फसलें को चट कर देते हैं। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बढ़ते अन्ना मवेशियों से निजात दिलाने को ग्रामीणों द्वारा मांग की जा रही थी। इसे देखते हुए मऊ के गाहुर ग्राम सभा में एक करोड़ 60 लाख 12 हजार रुपये से स्थाई गोशाला बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था। बाद में चयनित ग्राम पंचायतों में वृहद गोशाला निर्माण के लिए राजस्व विभाग से जमीन मांगी थी। जिस पर ग्राम सभा स्तर से गोशाला बनाने के लिए जमीन का प्रस्ताव भी हो चुका है। इसी प्रकार रामनगर में भी वृहद गोशाला बनेगी। इसके लिए जमीन हस्तानांतरित की प्रक्रिया शुरू हो गई है। है।
गोशाला में यह काम होंगे
दोनों गोशालाओं में चार-चार टिनशेड, भूसा घर, कार्यालय, तार फिनिशिंग, टीन शेड के नीचे ईंट बिछाई जाएगी। साथ ही टीन शेड में प्रकाश की व्यवस्था भी की जाएगी। गर्मी से बचाव के लिए पंखे लगेंगे। 10 किलो वॉट का सोलरपंप भी लगेगा। गोशाला में पांच सौ से एक हजार मवेशियों को रखने की क्षमता होगी।
बोले जिम्मेदार
एसडीएम मऊ राम ऋषि रमन ने बताया कि जमीन चिह्नित व ग्राम सभा के प्रस्ताव की प्रक्रिया पूरी हो गई है। हस्तांतरण की फाइल बन गई है। एक दो दिनों में शासन को भेजी जाएगी। बजट भी आ गया है। शासन से निर्देश मिलते ही निर्माण शुरू कराया जाएगा।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ सुरेश कुमार पांडेय ने बताया कि अभी जिले में कुल आठ वृहद गोशालाएं चल रही हैं। एक निर्माणाधीन है। दो गोशालाओं के लिए जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है। इनके संचालन से अन्ना मवेशियों की समस्या से किसानों को निजात मिल जाएगी।