भूमि अधिग्रहण कानून के जारी अध्यादेश के विरोध में आम आदमी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। इसे काला कानून बनाते हुए अध्यादेश को किसानों के साथ सरासर नाइंसाफी बताया है। साथ ही खबरदार किया है कि यही रवैया रहा तो किसानों का वजूद नहीं बचेगा।
बुधवार को यहां आम आदमी पार्टी की जिला यूनिट ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रदेश के राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में कहा है कि भूमि अधिग्रहण के कानून में बदलाव के लिए केंद्र सरकार ने अध्यादेश जारी किया है। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार को किसानों के हित से कोई सरोकार नहीं रहा।
सुरक्षा, ग्रामीण इलाकों के लिए सस्ते मकान, औद्योगिक कोरीडोर, निजी कंपनियां, प्रोप्राइटरशिप, पार्टनरशिप या किसी एनजीओ के लिए जमीन अधिग्रहण किए जाने पर जमीन मालिक की रजामंदी की जरूरत नहीं होगी, लेकिन इस जमीन का स्वामित्व सरकार के पास होना चाहिए। भले ही यह परियोजना सार्वजनिक निजी सहभागिता पर ही क्यों न हो।
आम आदमी पार्टी ने इसे काला कानून बताते हुए वापस लिए जाने और भूमि अधिग्रहण में जमीन मालिक की रजामंदी अनिवार्य बनाए जाने की मांग की है।
ज्ञापन देने वालों में जिला संयोजक अवधेश कुमार सिंह, सचिव अवधेश कुमार गुप्ता समेत जयंत गोरे, योगराज सिंह, पुष्पेंद्र सिंह चुनाले, रिंकू चौहान, सौरभ सिंह गौर, द्वारिका प्रसाद चौरसिया, संतोष कुमार गुप्ता, शैलेंद्र सिंह, आसिफ अली, चंद्रेश कुमार गुप्त, रेषभ दयाल, धीरेंद्र पांडेय, अमित नारायण पांडेय आदि शामिल रहे।