बांदा। ऑटो और रोडवेज ड्राइवर की लापरवाही ने छह घरों के कमाऊपूतों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। हालांकि ऑटो चालक खुद भी मौत के मुंह समा गया। रोडवेज चालक बच निकला।
ऑटो चालक महिंगाराम रोजाना गांव से बांदा तक ऑटो पर यात्रियों को ढोता था। इसी से उसके घर का गुजारा चल रहा था। उधर, मृतक रामगोपाल और लूसन राजमिस्त्री थे। शहर में रोजाना आकर निर्माणाधीन मकानों में मजदूरी करते थे।
मृतक लालबहादुर बांदा शहर के एक पेट्रोलपंप में नौकरी करता था। सभी अपने-अपने घरों के पालनहार थे। मृतकों की उम्रें भी युवा अवस्था की थीं।
मृतक लालबहादुर अपने साथ 3 वर्ष की बेटी शान्हवी को भी लिए था। लालबहादुर ने उसे सीने में लगाकर फौरीतौर पर गंभीर चोट से बचा लिया। खुद नहीं बचा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क हादसे में छह लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया। जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि तत्काल मौके पर पहुंचकर घायलों और पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करें। घायलों का बेहतर इलाज हो।
उधर, हादसे की खबर मिलते ही अस्पताल में जनप्रतिनिधि और राजनीतिक दलों के नेता भी पहुंचे। पूर्व विधायक विशंभर सिंह यादव, नगर पालिका अध्यक्ष मोहन साहू, सपा जिलाध्यक्ष विजयकरन यादव, युवक कांग्रेस नेता केशव पाल, ओमनारायण त्रिपाठी विदित आदि भी पहुंचे।
उधर, अधिकारियों में एडीएम संतोष बहादुर सिंह, अपर एसपी महेंद्र प्रताप चौहान, क्षेत्राधिकारी आलोक मिश्रा सहित कई थानों के प्रभारी और फोर्स मौजूद रहा। देर तक अस्पताल पुलिस छावनी बना रहा।
अस्पताल में अलर्ट, ट्रामा सेंटर खाली कराया
बांदा। हादसे की खबर मिलते ही जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर में अलर्ट जारी कर दिया गया। यहां इमर्जेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों को तत्काल दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया गया।
सीएमएस डॉ. उदयभान सिंह ने अन्य सभी डाक्टरों को तलब कर लिया। प्राथमिक उपचार संबंधी सभी तैयारियां कर ली गईं। पहले यहां शव आए। उन्हें मर्च्युरी भेजा गया। घायलों का तत्काल इलाज शुरू हुआ।