बांदा। शहर कोतवाली क्षेत्र का काहला गांव शुक्रवार को एक अजीब से सन्नाटे में डूबा था। किसी भी ग्रामीण को यकीन नहीं था कि आज के दिन गांव की जिस बेटी सुमन को लाल चुनरी में विदा होना था, उसे यूं सफेद कफन में लिपटा हुआ भी देखना पड़ेगा। सुमन की गुरुवार को बरात आनी थी, लेकिन उसके कुछ घंटे पहले ही उसने मेहंदी रचे हाथों से गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
मां दपार्वती का आरोप है कि तेल पूजन के दिन से दूल्हे की ओर से कूलर और फ्रिज की मांग कर दी गई। इसी वजह से लाडो ने फंदा लगाकर जान दे दी। पार्वती के मुताबिक सुमन के छोटे-छोटे भाई बहन है। पिता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। जैसे तैसे गांव वालों से दाल, आटा व कुछ रुपये उधार लेकर बेटी के हाथ पीले करने की हिम्मत की थी, ऐसी टूटी कि अब नहीं लगता कि जिंदा भी रह पाऊंगी। चाचा कुंवर प्रसाद का कहना है कि पुलिस से कोई शिकायत नहीं की, लड़के वालों को अब भगवान सजा देगा।
कमरे में कैद हुआ दहेज और मिठाइयां
गुरुवार को शादी की लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। दहेज के लिए कपड़े, बक्सा, मंडप व अलमारी यहां तक कि बरातियों के लिए मिठाई, नमकीन व डीजे सबकुछ तैयार था। सुमन की आत्महत्या के बाद से सभी सामान को कमरे में बंदकर ताला लगा दिया गया है।
मददगार रिश्तेदार भी लाचार
सुमन की शादी के लिए उसके करीब हर रिश्तेदार ने परिवार की कुछ न कुछ मदद की। सभी शादी में शामिल होने के लिए एकत्र भी थे। घटना के बाद घर पर नए कपड़ों के साथ खुशी में शामिल होने आए लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि अपनी ओर से दी हुई मदद के बारे में वे सुमन के माता पिता से क्या बात करें। रिश्तेदार प्रयास कर रहे हैं कि लड़के वाले यदि कुछ खर्च वहन कर लें तो सुमन के घरवालों का दुख कुछ कम हो सकता है।
दुल्हन ने की थी कूलर-फ्रिज की जिद
वहीं, दूसरी दूल्हे पुष्पेंद्र के पिता दशरथ का कहना है कि कूलर और फ्रिज की जिद खुद सुमन ने की थी, उनकी ओर से कोई मांग नहीं की गई। उनके घर पर भी तो मातम छाया हुआ है। क्या अरमान थे कि बहू को विदा करके लाएंगे, सभी तो खुश थे इस शादी से। एक ही गांव का मामला था। लड़का और लड़की रोज आपस में फोन पर बात भी करते थे।