बांदा। कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय व इफ्को के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को पोषण वाटिका महाभियान एवं पौधरोपण का आयोजन उद्यान महाविद्यालय में किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल ने बुंदेलखंड की पुरानी संस्कृति, परंपरागत भोज्य पदार्थों को सजोकर रखने के लिए सभी का आह्वान किया। मोटे अनाज, चना और गेहूं का आटा, कठिया गेहूं आदि का सेवन करने के लिए प्रेरित किया।
सदस्य प्रबंध समिति अटारी, कानपुर बलराम कछवाह ने पोषक अनाजों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए किसानों को प्रेरित किया। कुलपति डॉ. यूएस गौतम ने कहा कि बुंदेलखंड में युवक और युवतियों में खून की कमी की समस्या है।
इसके लिए वह गुड़, हरी पत्तीदार सब्जियों आदि का सेवन करें। अपने घर में ही सब्जी उगाकर परिवार के पोषण का ध्यान रखें। सह निदेशक प्रसार डॉ. नरेंद्र सिंह ने बुंदेलखंड में कुपोषण की समस्या को उजागर किया। इस समस्या से निपटने के लिए मोटा अनाज सेवन करने की सलाह दी।
डॉ. सौरभ ने तकनीकी सत्र में पौष्टिक अनाज की भूमिका महत्व, डॉ. भालेंद्र सिंह राजपूत ने टिकाऊ खेती के लिए पौधरोपण की भूमिका, डॉ. दीप्ती भार्गव, डॉ. जीएस पवार ने मोटे अनाजों का महत्व एवं उपयोगिता पर चर्चा की।
कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) द्वारा बाजरे का मूल्यवर्धन व प्रसंस्करण कर लड्डू तैयार किए गए। जिसका विमोचन किया गया। कार्यक्रम में 40 किसान, 50 महिला किसान, 75 कन्याओं समेत कुल 200 लोग मौजूद रहे। डॉ. मंजुल पांडेय ने सभी का आभार जताया। संचालन डॉ. सौरभ ने किया।