बांदा। पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए कसौंधन समाज ने बुधवार को कलेक्ट्रेट के नजदीक धरना दिया और सभा की। आरोप लगाया कि कुछ तहसीलदार अड़ंगा लगाकर कसौंधन समाज को पिछड़ी जाति का प्रमाणपत्र नहीं दे रहे।
धरने में कसौंधन समाज के मंडलीय अध्यक्ष रतन कुमार कसौंधन ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 15 सितंबर 1997 को कसौंधन समाज को पिछड़ा वर्ग मानते हुए प्रमाणपत्र जारी करने के आदेश दिए थे। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी इसकी संस्तुति की थी। कई जिलों और तहसीलों में प्रमाणपत्र जारी भी हुए, लेकिन अधिकांश तहसीलदार अड़ंगा डाल रहे हैं।
बांदा की कई तहसीलों में यह प्रमाणपत्र जारी हुए हैं। पैलानी में आकांक्षा एवं प्रतिभा और अतर्रा में पूनम और काशी बाई को पिछड़ा वर्ग के प्रमाणपत्र जारी हुए हैं। ये सभी कसौंधन समाज के हैं। फतेहपुर और चित्रकूट में भी प्रमाणपत्र दिए जा रहे हैं, लेकिन अन्य तहसीलों में ऐसा नहीं हो रहा। शासन और पिछड़ा वर्ग आयोग और शासन इस बारे में कई बार आदेश जारी कर चुका है।
धरने के बाद 12 सूत्री मांग पत्र डीएम को दिया गया। इस अवसर पर मंडी उपाध्यक्ष यज्ञस्वरूप गुप्त, राष्ट्रीय सदस्य राम प्रताप कसौंधन, जिलाध्यक्ष प्रेमचंद्र कसौंधन, विनोद कसौंधन, वेद मित्र गुप्त, ज्ञान प्रकाश कसौंधन, बृजकिशोर, राजेश गुप्त, शिवपूजन, लक्ष्मी गुप्ता, राजेंद्र गुप्ता, धर्मेंद्र गुप्ता, केदार प्रसाद, मथुरा प्रसाद इत्यादि शामिल रहे।