बांदा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून को लेकर
कोटेदार विरोध कर रहे हैं। इनका कहना है कि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो
वे इस योजना का राशन नहीं बांटेंगे। शुक्रवार को प्रदर्शन के बाद डीएम को
संबोधित ज्ञापन में कोटेदारों ने यह चेतावनी दी है।
कोटेदारों ने
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर सिटी मजिस्ट्रेट आरके श्रीवास्तव को सामूहिक
हस्ताक्षरों से तीन सूत्री ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा कि हर माह 20 तारीख को
अगले माह का राशन उठाने के लिए पैसा जमा कराया जाता है।
मौजूदा में उन्हें एपीएल का गेहूं सात रुपये और बीपीएल का पांच रुपये तथा चावल का मूल्य सात रुपये प्रति किलो देना पड़ रहा है।
इसी
तरह अंत्योदय के गेहूं के लिए दो रुपये और चावल तीन रुपये प्रति किलो की
कीमत जमा करनी पड़ती है, लेकिन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत
बांटा जाने वाला राशन उन्हें नहीं दिया गया है। ऐसे में कार्डधारकों को
कहां से राशन बांटेंगे?
कोटेदारों ने कहा कि जिस मद का राशन इस माह
मिला है, उसी श्रेणी के कार्डधारकों को बंटवाया जाए। खाद्य सुरक्षा का राशन
अलग से पैसा जमा कराकर उठवाया जाए।
ऐसा संभव न हो तो वितरण के
पहले अंतर धनराशि का भुगतान कराया जाए, वरना राशन नहीं बांटेंगे। यह भी कहा
कि गोदाम में बिना तौले बोरी के आधार पर राशन दिया जाता है।
फुटकर
बांटने में यह घट जाता है। पूरा वितरण नहीं हो पाता। कोटेदारों ने यह भी
कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के बारे में कोई आदेश नहीं मिला है।
ज्ञापन
देने वालों में एसोसिएशन अध्यक्ष गया प्रसाद साहू, सोनू कुमार गुप्ता,
सविता गुप्ता, हरिशंकर अग्रवाल, चिंतामणि, साबिर अली, शशि देवी, आशा देवी,
बृजराज सिंह, मोहम्मद वसीम, शाकिर खां, सुनील गुप्ता और संतोष गुप्ता भी
शामिल रहे।
जनवरी में कोटेदारों द्वारा जमा की गई गेहूं, चावल की
पुरानी दरों का समायोजन अगले माह होगा। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि
बीपीएल, एपीएल और अतिरिक्त बीपीएल व एपीएल आवंटन के तहत राशन दुकानदारों से
भारतीय खाद्य निगम में जमा कराई गई धनराशि का समायोजन अगले माह के आवंटन
में किया जाएगा।
कोटेदार सभी कार्डधारकों को राष्ट्रीय खाद्य
सुरक्षा अधिनियम के तहत गेहूं दो रुपये और चावल तीन रुपये किलो की दर से
वितरित करें। वितरण में लापरवाही हुई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।