बांदा। शहर के कीमती कहे जाने वाले इलाके चिल्ला रोड में स्थित भागवत प्रसाद एजुकेशन ट्रस्ट परिसर में अधिवक्ता द्वारा खरीदी गई भूमि पर किए गए कब्जे और निर्माण को अदालत ने 45 दिन के अंदर हटाने और वादी अधिवक्ता को कब्जा सौंपने के आदेश दिए हैं।
अधिवक्ता शिवपूजन सिंह कछवाह द्वारा विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) की अदालत में दायर किए गए मुकदमे में कहा था कि उसने कुछ गाटा संख्या में 0.545 हेक्टेयर जमीन योगेश कुमार से 1.40 लाख रुपये में खरीद ली थी और कब्जा ले लिया था, लेकिन पैसे के अभाव में बैनामा पंजीकृत नहीं करा सका। बाद में योगेश कुमार बैनामा करने से मुकर गए। इस पर वकील ने कोर्ट का सहारा लिया।
इसी बीच योगेश कुमार की मृत्यु हो गई। उनकी पत्नी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से दाखिल खारिज का मुकदमा स्टे करा लिया। इसी बीच इस जमीन पर राहुल सिंह ने दो मंजिला इमारत बना ली। साथ ही एक और बैनामा भी करा लिया। अधिवक्ता शिवपूजन का कहना था कि योगेश कुमार द्वारा उनके पक्ष में किया गया बैनामा आज भी प्रभावी है।
दोनों पक्षों की सुनवाई और सुबूतों के बाद अपर जिला जज पंचम/विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) ने अपने पांच पृष्ठीय आदेश में राहुल सिंह व ललिता देवी (मृतक योगेश की पत्नी) को अपना अवैध निर्माण 45 दिन के अंदर हटाने और कब्जा दखल शिवपूजन कछवाह को सौंप देने का आदेश दिया है।
गौरतलब है कि भागवत प्रसाद एजुकेशन के ट्रस्टी पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के परिजन हैं। यहां स्कूल आदि बना हुआ है। वादी शिवपूजन सिंह कछवाह की ओर से अदालत में पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक शुक्ला और आनंद सिन्हा ने की।