चित्रकूटधाम मंडल में सूखा और फिर नोटबंदी से परेशान गरीबों के घरों का सहारा केरोसिन में भी शासन ने 85 हजार लीटर की कटौती कर दी है। अब उन्हें माह में एक लीटर मिट्टी का तेल मिलेगा। इस कटौती से करीब 14 लाख गरीब परिवार प्रभावित होंगे। इसके पहले जुलाई में सवा तीन लाख, अक्तूबर में 3.84 लाख, नवंबर में 1.55 लाख लीटर की कटौती की जा चुकी है।
शासन ने छह माह में यह चौथी बार केरोसिन में कटौती की है। कार्डधारकों को पिछले साल पांच लीटर केरोसिन मिलता था। लेकिन इन छह महीनों में घटते-घटते एक लीटर रह गया है। चित्रकूटधाम मंडल में जुलाई से पहले 31.44 लाख लीटर मिट्टी तेल का आवंटन होता रहा है।
अक्तूबर माह से यह 27.60 लाख लीटर और नवंबर 26.05 लाख और इस माह 25.05 लाख लीटर हो गया। नवंबर में कटौती के बाद बांदा जिले में 8.52 लाख की जगह 8.04 लाख, चित्रकूट में 4.20 लाख की जगह 3.97 लाख, हमीरपुर जिले में 8.64 लाख लीटर के स्थान पर 8.15 लाख लीटर और महोबा जिले में 6.24 लाख लीटर के स्थान पर 5.89 लाख लीटर मिट्टी का तेल आवंटित हुआ।
इस माह बांदा में 36 हजार, चित्रकूट में 2.52 लाख, हमीरपुर में 7.68 और महोबा में 5.45 लाख लीटर तेल आवंटित हुआ है। ग्रामीण इलाकों में बिजली की अघोषित कटौती और तमाम घरों में अभी लाइट कनेक्शन न होने से ये लोग मिट्टी के तेल के सहारे ही घर में उजाला करते हैं। एक परिवार में अमूमन 5 लीटर तेल से माह भर ढिबरी व लालटेन जलती हैं। लेकिन लगातार कटौती से अब एक लीटर तेल में दस दिन भी चिराग नहीं जलेंगे। इससे मंडल के चारों जिलों की करीब 14 लाख परिवार प्रभावित होंगे।
चित्रकूटधाम मंडल के अपर आयुक्त खाद्य चंद्रशेखर ओझा ने कहा कि शासन ने मंडल में केरोसिन में फिर से करीब 85 हजार लीटर केरोसीन की कटौती की है। यह आवंटन इसी जनवरी माह से ही शुरू हो गया है। तेल की मात्रा कम होने से गरीब तो प्रभावित होंगे, पर मजबूरी है। जितना आवंटन मिल रहा है उसी में काम चलाना होगा।
चित्रकूटधाम मंडल में सूखा और फिर नोटबंदी से परेशान गरीबों के घरों का सहारा केरोसिन में भी शासन ने 85 हजार लीटर की कटौती कर दी है। अब उन्हें माह में एक लीटर मिट्टी का तेल मिलेगा। इस कटौती से करीब 14 लाख गरीब परिवार प्रभावित होंगे। इसके पहले जुलाई में सवा तीन लाख, अक्तूबर में 3.84 लाख, नवंबर में 1.55 लाख लीटर की कटौती की जा चुकी है।