केन नदी की बाढ़ से भूरागढ़ के पास हुआ कटान।
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बांदा। मध्य प्रदेश की घाटियों में लगातार दूसरे दिन बारिश थमी रहने से केन नदी में बाढ़ के हालात काफी सुधर गए हैं। गंगऊ और बरियारपुर बांध का जल स्तर सात-सात फिट नीचे आ गया है। इन बांधों से केन नदी में डिस्चार्ज हो रहे पानी में भारी कमी आई है। गंगऊ में 2 लाख 26 हजार 152 क्यूसिक और बरियारपुर से 2 लाख 61 हजार 136 क्यूसेक पानी नदी में गिरना कम हुआ है। केन नदी भी लाल निशान से पांच मीटर नीचे आ गई है।
रविवार को गंगऊ और बरियारपुर बांध क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई। इसके पूर्व शनिवार को भी यहां पानी नहीं बरसा था। इससे बांधों का जल स्तर घटने लगा। शनिवार को गंगऊ का जल स्तर 745.3 फिट था। रविवार को यह घटकर 738.8 फिट हो गया। पानी का डिस्चार्ज तीन लाख 49 हजार 235 क्यूसेक से घटकर एक लाख 13 हजार 83 क्यूसेक हो गया। इसी तरह बरियारपुर बांध का जल स्तर 623 से घटकर 616.5 फिट पर आ गया।
इस बांध से पानी का डिस्चार्ज तीन लाख 95 हजार 886 क्सूसेक से घटकर एक लाख 34 हजार 735 क्यूसेक पर आ गया। केन नदी शनिवार को खतरे के निशान से पांच मीटर ऊपर 108.11 मीटर पर बह रही थी। यह रविवार को घटकर 103 मीटर पर आ गई। यह खतरे के निशान से एक मीटर नीचे है। उधर, चिल्ला घाट में यमुना नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। शनिवार को इसका जल स्तर 93.68 मीटर था। रविवार को यह 95.72 मीटर हो गया।
24 घंटे में दो मीटर से ज्यादा जल स्तर बढ़ा, लेकिन केन नदी की बाढ़ थमने से अब यमुना का पानी भी घटने के आसार हैं। यमुना खतरे के निशान से अभी करीब सवा चार मीटर नीचे है। केन किनारे आबाद तमाम गांवों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया था। पानी वापस नदी में लौट गया है। लेकिन यहां कीचड़ और दलदल है। बाढ़ प्रभावित कनवारा गांव में सीडीपीओ अर्जुन सिंह ने पंजीरी (पोषाहार) का वितरण किया।