केन नदी में छलांग लगाता युवक।
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बांदा। मध्य प्रदेश की घाटियों में झमाझम बारिश से एकाएक केन व यमुना नदी का जलस्तर एक से डेढ़ मीटर तक बढ़ गया। लगातार पानी बढ़ने से नदी के किनारे स्थित 60 से ज्यादा गांवों में फसलों के डूबने और गांवों में पानी घुसने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि डीएम के निर्देश पर एसडीएम व तहसीलदार टीमों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे और स्थिति पर नजर रखे हैं। कुछ गांवों के लोगों को सावधान रहने को कहा गया है।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक केन नदी के जलस्तर में 12 घंटे में करीब एक मीटर का इजाफा हुआ है। शनिवार को केन नदी का जलस्तर 95.20 था जो रविवार को बढ़कर 96.25 हो गया। यमुना के जलस्तर में भी 80 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई है। यमुना का जलस्तर शनिवार को 87.05 था रविवार को यमुना का जलस्तर 86.85 पर पहुंच गया। दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ ही प्रशासन अलर्ट हो गया है।
सिंचाई व राजस्व विभाग के अधिकारियों को नदियों पर निगरानी के लिए कहा गया है। नदी किनारे के गांवों के लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। जिलाधिकारी जे.रीभा ने पैलानी, बबेरू, नरैनी और सदर एसडीएम को निर्देश दिए है कि वह नदियों के जलस्तर पर नजर रखे। जल स्तर और अधिक बढ़ने पर प्रभावित गांवों को लोगों को बाढ़ राहत शिविरों में पहुंचाया जाए। बचाव व राहत कार्य शुरू किए जाए।
रात में हुई झमाझम बारिश, दिन में धूप ने बढ़ाई उमस
बांदा। जनपद में शनिवार की रात करीब दो घंटे तक झमाझम बारिश हुई। वहीं रविवार को पूरे दिन तेज धूप ने उमस और पसीना निकाला। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक पिछले 24 घंटे में जनपद में 46 मिमी बारिश दर्ज की गई है। उधर, रविवार को तेज धूप निकलने से तापमान में भी इजाफा हुआ है। अधिकतम तापमान 37 व न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।