गुरुवार को बांदा में केन नदी में बाढ़ का नजारा।
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बांदा। मध्य प्रदेश की घाटियों में बारिश के उतार-चढ़ाव से बांध और नदियों के जलस्तर में भी लगातार बढ़ने और घटने का सिलसिला चल रहा है। बांधों में जलस्तर घटने के बाद अब फिर तेजी से बढ़ा है। बरियारपुर बांध से तीन लाख क्यूसिक से ज्यादा पानी डिस्चार्ज होने से केन नदी में फिर बाढ़ की स्थिति आ गई है। 103 मीटर पर आने के बाद केन अब शुक्रवार को 106 मीटर का पैमाना पार कर जाएगी। केंद्रीय जल आयोग ने अभी इसके बढ़ने का अनुमान जताया है।
बुधवार को गंगऊ और बरियारपुर का जल स्तर घटा था। डिस्चार्ज भी कम हो गया था। इससे खतरे का निशान पार करने के बाद केन नदी भी गुरुवार को दोपहर लाल निशान से एक मीटर नीचे 103 मीटर पर आ गई लेकिन गुरुवार को सुबह से ही बांध क्षेत्रों में हुई भारी बारिश से बांधों का जलस्तर काफी बढ़ गया। गंगऊ 740 से 743.9 फिट हो गया। इसी तरह बरियारपुर 618 से 621 फिट पर जा पहुंचा। गंगऊ से 2,75,419 और बरियारपुर से 3,15,598 क्यूसिक पानी केन नदी में डिस्चार्ज होता रहा। नतीजे में केन नदी का जल स्तर फिर बढ़ने लगा। केंद्रीय जल आयोग के एसडीओ अरविंद कुमार राय द्वारा जारी बाढ़ पूर्वानुमान बुलेटिन मेें बताया गया है कि केन नदी शुक्रवार को 106 मीटर के आसपास पहुंच जाएगी। गुरुवार को गंगऊ में 75, बरियारपुर मेें 25 और रनगवां में 40 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। उधर, चिल्ला घाट में यमुना नदी का जल स्तर गुरुवार को शाम 97.82 मीटर पर था। यह खतरे के निशान से लगभग दो मीटर नीचे है लेकिन धीमी रफ्तार से यमुना का जलस्तर भी बढ़ने लगा है।