केन नदी में डूबे बालक रामकरन के परिजन।
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बांदा। चंद पैसों के लालच में बालक की जान पर बन आई। रेल पुल पर पैसे बीनते समय वह सुपर फास्ट ट्रेन के झटके में वह पुल से केन नदी में गिरकर डूब गया। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला।शहर से सटे केन तटवर्ती गांव भूरागढ़ के तमाम बच्चे अक्सर यात्रियों द्वारा नदी में फेंके जाने वाले सिक्के बीनने जाते हैं। रविवार को सुबह गांव का रामकरन (12) पुत्र परशुराम निषाद अपने दोस्त अखिलेश के साथ रेलवे पुल पर पैसे बीनने गया था। इसी बीच निजामुद्दीन से मानिकपुर जाने वाली सुपरफास्ट यूपी संपर्क क्रांति ट्रेन आने से झटके में वह पुल से नीचे केन नदी में जा गिरा।
बारिश से उफनाई केन नदी में तेज बहाव से वह डूबने लगा। अखिलेश ने भाग कर गांववालों को रामकरन के नदी में डूबने की खबर दी। जब तक ग्रामीण पहुंचे वह तेज बहाव में बह गया। निषाद बिरादरी वाले गांव के तमाम लोग अपनी नावें लेकर तलाश में जुट गए। उधर, सूचना मिलने पर भूरागढ़ चौकी प्रभारी अशोक निगम और सदर तहसीलदार सुनील कुमार पटेल भी राजस्व कर्मियों के साथ गांव आ गए। सरकारी स्टीमर व नाव के सहारे घटनास्थल से लगभग तीन किलोमीटर दूर तक बालक की तलाश की गई लेकिन उसका पता नहीं चला। तहसीलदार का कहना है कि डूबे बालक की तलाश लगातार जारी रहेगी।