बांदा। मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू ने शिक्षकों से कहा कि शिक्षा देना पुण्य कार्य है। शिक्षकों को समाज में जो सम्मान मिलता है वह उनके पुनीत कार्य की बदौलत। हर एक शिक्षक का नैतिक दायित्व है कि छात्र-छात्राओं को सर्वांगीण विकास करें और पूरे लगन व मेहनत से शिक्षा का अलख जगाएं। मंडलायुक्त मंगलवार को आर्य कन्या इंटर कालेज में आयोजित शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी में शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों को सादगी और सद्व्यवहार की शिक्षा दें। अपना आचरण पवित्र रखें। आयुक्त ने यह भी कहा कि हम सभी को दिखावे से दूर रहकर अपना काम निष्ठा और कर्मठता से करना चाहिए। शिक्षकों से कहा कि श्रेष्ठ व्यक्ति ही गुरु है। इसलिए समाज में अपनी श्रेष्ठता स्थापित करें। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ.ओपी त्रिपाठी ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों को शासन जो पैसा दे रहा है उसका पूरी ईमानदारी से सदुपयोग करके पठन-पाठन की गुणवत्ता सुधारें। स्कूल समय से पहुंचे और समय से छोड़ें। संयुक्त शिक्षा निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा कि इंटर और हाईस्कूल परीक्षा का पूरे
जीवन में एक अलग महत्व है। शिक्षक पूरे मनोयोग से विद्यार्थियों को पढ़ाएं।
जिला विद्यालय निरीक्षक हिफजुर्रहमान ने कहा कि शैक्षिक उन्नयन गोष्ठियों को मकसद ही यही है कि शिक्षा में सुधार आए और गुणवत्ता बढ़े। मेजबान कालेज आर्य कन्या की प्रबंधक शमीम बानो ने भी संबोधित किया। उप निदेशक अर्थ एवं संख्या एसएन त्रिपाठी, प्रधानाचार्य आर्य कन्या उर्मिला सहित नीलम वर्मा आदि प्रधानाचार्यों से संबोधित किया।
आयुक्त की पत्नी ने बालिकाओं को बिस्कुट बांटे
बांदा। मंडलायुक्त की पत्नी एल फनी ने मंगलवार को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, महोखर में बालिकाओं को फल और बिस्कुट बांटे। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसा माध्यम है जिससे बालिकाएं समाज में पुरुषों की बराबरी से चलने में सक्षम होती हैं। बेटियां देश की अमूल्य निधि हैं। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि किसी भी चीज की जरूरत हो तो उन्हें बताएं। उप निदेशक अर्थ एवं संख्या की धर्मपत्नी रेखा त्रिपाठी ने भी छात्राओं की प्रतिभा को सराहा। उप निदेशक एसएन त्रिपाठी, उप मुख्य परीवीक्षा अधिकारी सुभाष सचान सहित एबीएसए और विद्यालय के वार्डेन आदि उपस्थित रहे।