बांदा। प्रगतिशील हिंदी कवि बाबू केदार नाथ अग्रवाल के 113 वें जन्म दिन पर भागवत प्रसाद मेमोरियल कार्यक्रम हुआ। कवि व कथाकार प्रयाग शुक्ल ने कहा कि केदार नाथ अग्रवाल जन, प्रकति की सौंदर्य कला के कवि थे। कविता में नए सौंदर्य मूल्यों को निर्मित किया। ज्योतिष जोशी ने कहा कि केदार ने नदी, पहाड़, धूप, हवा, फूल, दिन और रात पर जीवंत कविताएं लिखी।
रेनू यादव ने कहा कि हमसे समकालीन हिंदी कविता के कवि दूर हुए। न्यास के नरेंद्र पुंडरीक ने कहा कि केदार की कविता धरी की गंध थी। आदमी के पसीने की गंध थी। आजीवन न्यासी श्रद्धा निगम की पुस्तक ‘जीवन की खिड़कियां’ का विमोचन किया। डा. शबाना रफीक, डा. सबीहा रहमानी, डा. अंकिता तिवारी, छाया सिंह, लक्ष्मी द्विवेदी, उमा पटेल, कापरेड राय चंद्र सरस, आंनद किशोर, डा. शशि भूषण मिश्रा आदि मौजद रहे। उधर, अधिवक्क्ता संघ के केदारनाथ अग्रवाल स्मृति भवन में गोष्ठी हुई। अशोक त्रिपाठी जीतू, रोहन सिंहा, प्रदुम कुमार सिह, पूर्व अध्यक्ष आंनद सिंह, एजाज अहमद, कालका प्रसाद, अंबिका व्यास, रामदेव आदि ने अपने विचार रखे।