केदार सम्मान हासिल करते कवि मदन कश्यप।
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बांदा। केदार सम्मान-2015 प्रतिष्ठित कवि मदन कश्यप को दिया गया है। रविवार को यहां केदार स्मृति शोध संस्थान और प्रगतिशील लेखक संघ के मिलेजुले आयोजन में सम्मान सौंपा गया। संस्थान की पत्रिका ‘माटी’ और वरिष्ठ शायर तथा लेखक रहे एहसान आवारा कुरैशी की पुस्तक ‘मस्तानी बाजीराव’ का विमोचन भी हुआ। आर्य कन्या इंटर कालेज में आयोजित समारोह में प्रसिद्ध कवि मदन कश्यप को उनकी रचना ‘दूर-दूर तक चुप्पी’ और ‘अपना ही देश’ के लिए केदार सम्मान दिया गया।
जेएनयू, दिल्ली के पूर्व प्रो. डॉ. मैनेजर पांडेय ने यह सम्मान सौंपा। कवि केदार बाबू को भी याद किया गया। उनके चित्र पर फूल चढ़ाए गए। केदार स्मृति शोध संस्थान उपाध्यक्ष डॉ. शबाना रफीक, कवि मदन कश्यप, डॉ. मैनेजर पांडेय, पूर्व प्रधानाचार्य बाबूलाल गुप्त, शोध संस्थान अध्यक्ष शिवफल सिंह, डॉ. रामचंद्र सरस, नरेंद्र पुंडरीक आदि ने पुस्तकों का एक साथ विमोचन किया। केदारबाबू की कविताओें का पाठ और गोष्ठी हुई। बहादुर सिंह परमार ने वक्तव्य दिया। डॉ.शशि भूषण मिश्र ने केदार बाबू की कविताओं के वैनिध्य और आयामों पर चर्चा की।
इसके पूर्व आर्य कन्या इंटर कालेज और सिद्दीक मेमोरियल स्कूल की छात्राओं ने केदारबाबू की रचनाओें पर गीत और नाटक प्रस्तुत किए। अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। महिला डिग्री कालेज की प्रवक्ता डॉ. सबीहा रहमानी ने प्रशस्ति पत्र पढ़े। कविआें को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन नरेंद्र पुंडरीक, डॉ. शशिभूषण और संतोष भदौरिया ने किया। अनुराधा सिंह ने केदारबाबू की कविताओं में निहित प्रेम व दर्द का जिक्र किया। इस अवसर पर सुधा त्रिपाठी, प्रेम शंकर, लीना मलोहत्रा, अनिल अविश्रांत, संजय श्रीवास्तव, कांग्रेस नेता राममिलन पटेल आदि उपस्थित रहे।