बांदा। वर्ष-2021 का केदार सम्मान वरिष्ठ कवि विमल कुमार को मिला है। इनके अलावा आलोचक बजरंग बिहारी तिवारी और रामविलास शर्मा को आलोचना सम्मान से नवाजा गया है। महेश अंजुम स्मृति युवा कविता सम्मान का ताज हिंदी के युवा कवि अरुणाभ सौरभ के सिर पहनाया गया है।
केदार स्मृति न्यास के तत्वावधान में सोमवार को यहां स्टेशन रोड स्थित होटल के सभागार में केदार सम्मान-2021 तीन सत्रों में हुआ। देश के कई चुनिंदा कवि और साहित्यकार शामिल हुए। इनमें प्रमुख रूप से आईएएस राकेश मिश्र (लखनऊ) और भारतीय रेल सेवा के अधिकारी कवि यतीश कुमार (कोलकाता) प्रमुख थे।
दिल्ली, लखनऊ, भोपाल, पटना, जबलपुर, इलाहाबाद, बनारस आदि के कवि और लेखक भी समारोह के मेहमान रहे। केदार होने की निहितार्थ विषय पर आयोजित गोष्ठी में दिल्ली से आए कवि/संपादक राकेश रेणु और लखनऊ सुभाष राय तथा युवा आलोचक डॉ. नीरज मिश्र ने अपने विचार व्यक्त किए।
सम्मान समारोह की अध्यक्षता कर रहे मशहूर आलोचक प्रो. गोपेश्वर सिंह ने कहा कि केदार बाबू ने हिंदी कविता में जो योगदान दिया, वह बेमिसाल है। आलोचक बजरंग बिहारी तिवारी ने कहा कि पुरस्कार लेखकीय जिम्मेदारियों को बढ़ाते हैं।
लेखन को नई ऊर्जा मिलती है। तीन सत्रों में हुए समारोह का संचालन क्रमश: सुधा त्रिपाठी, शशि भूषण मिश्र और डॉ. अंकिता तिवारी ने किया। न्यास की वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. शबाना रफीक, शिवफल सिंह, बाबूलाल गुप्त, श्रद्धा निगम, डॉ. दीपाली गुप्ता, राजकुमार राज, फजलुद्दीन रहमानी, अमित सेठ, प्रेम सिंह, आनंद राम, गौरव पांडे, जय प्रकाश सिंह, छाया सिंह, प्रकाश साहू, संजय निगम, अरुण निगम आदि उपस्थित रहे।