बांदा। शहर से पांच किलोमीटर दूर महोखर गांव में स्थित
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में एक ही कक्षा की पांच छात्राओं
की तबियत बिगड़ गई। इन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बुखार के साथ
चक्कर और कई बार बालिकाओं के बेहोश हो जाने से अफरा तफरी का माहौल रहा।
उधर, वार्डन के खौफ से कोई बालिका कुछ बताने को तैयार नहीं है। कोई बड़ा
अधिकारी भी अस्पताल नहीं पहुंचा।
सोमवार की दोपहर अचानक कई बालिकाओं
की तबीयत बिगड़ गई। वार्डन ने इसकी सूचना जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ओपी
त्रिपाठी को दी। सातवीं कक्षा की छात्रा रोशनी, मोहिनी, प्रियांशी, श्वेता
और चांदनी को वार्डन और केयरटेकर ने जिला अस्पताल पहुंचाया।
नगर
क्षेत्र के एबीएसए सुनील द्विवेदी के सिवा कोई अधिकारी अस्पताल झांकने नहीं
गया। डा. विनीत सचान और डा. आरके गुप्ता ने छात्राओं की जांच की। प्राथमिक
उपचार के बाद सभी को वार्ड में भर्ती कर लिया गया। डाक्टरों ने बताया कि
एक छात्रा के गले में सूजन और बुखार तथा चार अन्य छात्राओं को बुखार था।
बीमार
छात्राओं और उनके साथ की अन्य छात्राएं विद्यालय के खानपान और अन्य
व्यवस्थाओं के बारे में मुंह खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। बताया जाता है
कि उन्हें वार्डन और केयरटेकर ने कुछ बताने से मना कर रखा था। लीपापोती
मेें जुटी वार्डन भी अपना नाम मीडिया को बताने से परहेज करती रहीं।