Kanji House deserted, Anna animals on the streets
- फोटो : BANDA
बांदा। सीएम और डीएम के पेंच कसने के बाद भी अन्ना पशुओं को लेकर कुछ विभागों की हठधर्मी खत्म नहीं हो रही है। बांदा शहर इसकी बानगी है। यहां नगर पालिका परिषद ने करीब दो करोड़ रुपये की लागत से शहर के नजदीक कांजी हाउस बनवाया है। इसमें मात्र 25 पशु हैं। दूसरी तरफ शहर की सड़कों पर अन्ना पशुओं की भरमार है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) के आकस्मिक निरीक्षण में यह पोल खुली। सीवीओ ने डीएम को रिपोर्ट भेजी है।
गांव और शहरी क्षेत्रों में छुट्टा घूम रहीं अन्ना गायों को गोशालाओं में रखने के लिए प्रदेश सरकार लगातार जोर देने के साथ ही भरपूर बजट भी दे रही है। सरकारी धन खूब खर्च हो रहा है, लेकिन अन्ना पशु सड़कों पर जस का तस बरकरार हैं। बांदा शहर मंडल मुख्यालय है।
यहां बाजार से लेकर मोहल्लों और हर प्रमुख सड़क पर अन्ना पशु घूम रहे हैं। डीएम हीरालाल ने कई माह पूर्व नगर पालिका को चेतावनी दी थी कि एक भी पशु शहर की सड़क पर मिला तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका कर्मियों ने हटेटी पुरवा के पास पालिका के नवनिर्मित कांजी हाउस में शहर की अन्ना गायों को बंद कर दिया। कुछ ही दिन बाद ठेकेदार ने फाटक खोलकर अन्ना गायों को रिहा कर दिया था।
बुधवार को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आईएन सिंह ने नगर पालिका द्वारा संचालित हटेटी पुरवा कांजी हाउस और शहर के मध्य स्थित अलीगंज के प्राचीन कांजी हाउस का आकस्मिक निरीक्षण किया। हटेटी पुरवा कांजी हाउस में मात्र 25 अन्ना पशु पाए गए। शहर में स्थित पुराना कांजी हाउस वीरान मिला। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने डीएम को अपनी रिपोर्ट भेजकर इस स्थिति से अवगत करा दिया है। कहा कि अन्ना मवेशी संरक्षण में नगर पालिका कोई रुचि नहीं ले रहा।
समाजसेवी ने लिया गोशाला का जिम्मा
तिंदवारी। जौहरपुर में घूम रहे सैकड़ों अन्ना पशुओं से परेशान किसानों ने शुक्रवार को ग्राम प्रधान प्रतिनिधि की उपस्थिति में बैठक की। गोशाला निर्माण की शुरुआत न होने पर असंतोष जताया। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सत्यप्रकाश सिंह ने गोशाला निर्माण से हाथ खड़े कर दिए।
इस पर समाजसेवी राजेश सिंह ने अपने खर्च से गोशाला बनवाने और चारा-भूसा, पानी की व्यवस्था कराने का जिम्मा लिया। किसानों से कहा कि वह सिर्फ धान की पयार पशुओं के लिए दें। बैठक में पूर्व प्रधान बलवान सिंह सहित अयोध्या प्रसाद, राजू भी मौजूद रहे।