फोटो- 13 मोटे अनाज की खेती के लिए किसान को सम्मानित करते मंत्री।
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना के तहत कालिंजर महोत्सव में मिलेट्स (मोटे अनाज) के स्टॉल ने परंपरागत खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इस अवसर पर प्रदेश के जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। राज्यमंत्री ने कहा कि मोटे अनाज की खेती किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, क्योंकि इनकी मांग और दाम दोनों में वृद्धि देखी जा रही है।
बताया कि मोटे अनाज न केवल स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभदायक हैं, बल्कि इनकी खेती भी अपेक्षाकृत आसान है। अन्य फसलों की तुलना में इनमें पानी की आवश्यकता कम होती है, जो इन्हें सूखे और कम सिंचित क्षेत्रों के लिए एक आदर्श विकल्प बनाती है। उप निदेशक कृषि ने बताया कि मोटे अनाज में पोषक तत्वों की प्रचुरता होती है, जो इन्हें संतुलित आहार का एक अनिवार्य हिस्सा बनाती है। यह फसलें आमतौर पर सीमांत और असिंचित भूमि पर उगाई जाती हैं, जिससे यह स्थायी खेती और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करती हैं।
मोटे अनाज की प्रमुख फसलें और उनकी विशेषताएं
फसल का नाम
विशेषताएं
ज्वार
उच्च फाइबर, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर।
बाजरा
आयरन, मैग्नीशियम और फास्फोरस का अच्छा स्रोत।
रागी
कैल्शियम का उत्कृष्ट स्रोत, हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद।
सावां कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स, मधुमेह रोगियों के लिए उपयुक्त।
कंगनी
आसानी से पचने वाला, ऊर्जा का अच्छा स्रोत।
कोदो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में सहायक।
कुटकी
विभिन्न प्रकार के विटामिन और खनिज से भरपूर।
कुट्टू ग्लूटेन-मुक्त, प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत।
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रानी दुर्गावती समिति की बालिकाओं ने बांधा समां
फोटो - 11 कालिंजर महोत्सव में नृत्य प्रस्तुत करतीं रानी दुर्गावती समिति की बालिकाएं। स्रोत - स्वयं।
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बांदा। कालिंजर महोत्सव में वीरांगना रानी दुर्गावती समिति की छात्राओं द्वारा नीलकंठ महादेव शिव स्तुति ओम नमः शिवाय कथक नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। विभिन्न आकर्षक वेश भूषा के साथ सजी संवरी बालिकाओं ने काली माता का बुंदेलखंडी उमाह, रक्तबीज संहार, बुंदेलखंडी लोक नृत्य आदि आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किए। आकृति गुप्ता ,नित्या अग्रवाल, नित्या सोनी द्वारा मंचन की गई गणेश स्तुति को भी दर्शकों ने खूब सराहा। निर्देशन नृत्य महागुरु रश्मि गुप्ता निशा ने किया। संवाद