कालिंजर। चारों ओर पहाड़ से घिरे ऐतिहासिक दुर्ग के मैदान में भव्य पंडाल और आकर्षक सजावट के बीच पांच दिवसीय कालिंजर महोत्सव देर शाम शुरू हो गया। पहले ही दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सरकारी मशीनरी की तैयारियों ने इसे आकर्षक बना दिया क्षेत्रीय विधायक राजकरन कबीर ने फीता काटने की रस्म से महोत्सव का उद्घाटन किया।
डीएम हीरा लाल के निर्देशन में एक पखवारे से चल रही महोत्सव की तैयारियां बीती रात पूरी हो गई थीं। गुरुवार को सुबह से ही लगभग एक सैकड़ा स्टॉलों ने जनपद और प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों ने अपने उत्पादन, योजनाएं और मॉडल सजा दिए। इन्हें देखने के लिए पूरा दिन आसपास के गांवों और सीमावर्ती मध्य प्रदेश के लोग आते रहे।
देर शाम भव्य मंच पर रंगीनी रोशनी के बीच शिव स्तुति के साथ उद्घाटन हुआ। महोबा की पूजा और दयाराम रैकवार ने बुंदेली गीत से समां बांधा। इसके पूर्व दिन में कबड्डी, रंगोली व अन्य खेलकूद आयोजित हुए। दिवारी नृत्य (रमेश पाल टीम) ने भी आकर्षक नृत्य किया। देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। डीएम हीरा लाल ने कहा कि महोत्सव की मंशा कालिंजर दुर्ग को विश्व पर्यटन मानचित्र में शामिल करने और इस इलाके का समुचित विकास करने की है।
महोत्सव की संयोजक एसडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने सभी का अगुवानी की। उद्घाटन समारोह में सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा, एडीएम संतोष बहादुर सिंह, सीएमओ डा.संतोष कुमार, अपर एसपी एलबीके पाल, उप निदेशक कृषि एके सिंह, उपायुक्त एनआरएलएम केके पांडेय, भाजपा जिलाध्यक्ष रामकेश निषाद, पूर्व जिलाध्यक्ष लवलेश सिंह, रिटायर्ड एओ सईद अहमद, सांसद प्रतिनिधि सुनील पटेल, राकेश मिश्रा, स्वदेश शिवहरे, युवा कल्याण अधिकारी विजेंद्र कुमार, रवींद्र कुमार पटेरिया, सागर वाधवानी आदि उपस्थित रहे।
शाम 5 से रात 9 बजे तक : गणेश नृत्य (श्रेया आकर्ष इंस्टीट्यूट)। जवारा नृत्य (श्रद्धा निगम)। जादू (आरसी योगा)। नौटंकी (विजय बहादुर)।
कालिंजर महोत्सव में दिवारी नृत्य पेश करते बुंदेली कलाकार।- फोटो : BANDA
कालिंजर महोत्सव में स्टॉल का निरीक्षण करते डीएम हीरा लाल। साथ में अन्य विभागों के अफसर।- फोटो : BANDA