एतिहासिक और धार्मिक महत्व के कालिंजर किले में अब मुफ्त सैर सपाटे के दिन लद गए। पहली अप्रैल से किले में टिकट व्यवस्था लागू हो गई। पहले दिन दो सैकड़ा लोगाें ने टिकट खरीदकर किले का भ्रमण किया।
टिकट की कीमत पुरातत्व विभाग ने पांच रुपये निर्धारित की है। किले के विकास के लिए प्रयासरत इंटेक चेप्टर के बांदा संयोजक हारिस जमां और उप संयोजक/जेएन डिग्री कालेज प्राचार्य डॉ.नंदलाल शुक्ल ने फरवरी के पहले हफ्ते में जानकारी दी थी कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने कालिंजर किले को ‘टिकेटेड मोनोमेंट’ घोषित किया है।
यह खबर ‘अमर उजाला’ में 5 फरवरी को प्रकाशित भी हुई थी। नए वित्तीय वर्ष के पहले दिन पहली अप्रैल को यह व्यवस्था लागू हो गई। पहले दिन 200 टिकटों की ब्रिकी हुई। 5 रुपये प्रति टिकट बिका। विदेशी पर्यटकों के लिए टिकट की दर 100 रुपये होगी।
पुरातत्व विभाग के इंजीनियर दिवाकर सिंह ने बताया कि कटरा गेट से नीलकंठ मंदिर के लिए प्रवेश में टिकट नहीं लगेगा। यह रास्ता दर्शनार्थियों के लिए मुफ्त खुला रहेगा। टिकट बगैर मुख्य किले में प्रवेश करने पर 500 रुपये जुर्माना लिया जाएगा। गौरतलब है कि बुंदेलखंड में झांसी के बाद अब कालिंजर दूसरा किला है जहां टिकट व्यवस्था लागू की गई है।
पुरातत्व विभाग ने यह भी व्यवस्था लागू की है कि किले के अंदर कोई वाहन प्रवेश नहीं हो सकेगा।