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कालिंजर के कार्तिक मेले में और बढ़े श्रद्धालु

Sun, 05 Nov 2017 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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कार्तिक पूर्णिमा मेला में कालिंजर दुर्ग स्थित कोटि तीर्थ तालाब में स्नान करते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला
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कार्तिक पूर्णिमा पर कालिंजर दुर्ग में लगे मेले में शनिवार को दूसरे दिन बड़ी तादाद में श्रद्धालु पहुंचे। दुर्ग का हर भाग श्रद्धालुओं से भरा रहा। आस्थावानों ने दुर्ग के तालाबों में डुबकी लगाकर नीलकंठेश्वर मंदिर में जलाभिषेक और पूजा की। उधर, खप्टिहाकलां क्षेत्र के महाकालेश्वर मंदिर में कार्तिक मेला शुरू हो गया।
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भीड़ के मद्देनजर जगह-जगह पुलिस तैनात की गई थी। थाना प्रभारी केपी सिंह ने महुआ फाटक के पास भीड़ को नियंत्रित किया। दुर्ग के रास्ते पर बैरियर बनाए गए हैं। वाहनों को इसके आगे नहीं जाने दिया जा रहा है। लेकिन यहां तैनात सब इंस्पेक्टर और पुलिस कर्मी अपने चहेतों की बाइक अंदर जाने देते रहे। नतीजे में कई बार भीड़ में अव्यवस्था हुई। उधर, कोटितीर्थ, बुड्ढा-बुड्ढी व रामकटोरा तालाब में स्नान कर पूजा-अर्चना की। दूर-दराज से बच्चों व महिलाओं के साथ पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान नीलकंठ (शिवजी), माता पार्वती व कार्तिकेय के दर्शन कर मत्था टेका और खुशहाली की कामना की।

मेले में मनोरंजन के लिए आई ड्रामा पार्टी आकर्षण का केंद्र रही। बच्चों ने झूलों का जमकर लुत्फ उठाया। घरेलू जरूरत की चीजों के अलावा ट्रैक्टर, कृषि यंत्र व हर तरह की वस्तुओं की दुकानें सजी रहीं। खप्टिहाकलां प्रतिनिधि के मुताबिक बांदा-हमीरपुर मार्ग पर स्थित महाकालेश्वर मंदिर में भी कार्तिक पूर्णिमा मेला शुरू हो गया। पांच दिवसीय मेला में दंगल और रामलीला भी हो रही है। दर्जनों गांव के लोग पहुंच रहे हैं। मंदिर में दुग्धाभिषेक और पूजा-अर्चन हो रहा है।
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किले की टंकी सूखी, श्रद्धालुओं के सामने पेयजल संकट
कालिंजर दुर्ग में लगे मेले में शनिवार को बड़ी तादाद में श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान श्रद्धालुओं को पीने के पानी समस्या का सामना करना पड़ा। जल संस्थान के मात्र दो टैंकर नाकाफी साबित हुए। पानी की मारामारी रही। किले की टंकी भी सूखी पड़ी है।
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