बुंदेलखंड का मशहूर और परंपरागत कजली महोत्सव व मेला सोमवार को शहर से लेकर गांवों तक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम कजली विसर्जन रहा। जगह-जगह मेले लगे और दंगल में दांवपेच हुए।
बांदा शहर के छाबी तालाब में सुबह विभिन्न इलाकों से महिलाओं के जत्थों द्वारा लाई गईं कजलियां विसर्जित की गईं। इस बीच महिलाएं सावन के गीत गातीं रहीं। छाबी तालाब में मेला लगा। शाम को नवाब टैंक में भी कजली विसर्जन व दंगल हुआ। इसमें बड़ी संख्या में शहर और गांव के लोग शामिल हुए। बाबू साहब तालाब में दंगल की शुरुआत विहिप नेता अरविंद त्रिपाठी ने अशोक पहलवान खुटला व नीरज पचनेही का हाथ मिलाकर की। यह कुश्ती बराबरी पर छूटी। अन्य पहलवानों ने भी दांवपेच दिखाए। दंगल में विहिप जिलाध्यक्ष चंद्रमोहन, व्यायाम शाला संरक्षक जग्गू पहलवान, विहिप जिला उपाध्यक्ष हर्ष वर्धन गुप्ता, अशोक ओमर विभागध्यक्ष, अनिरुद्ध सिंह विभाग संयोजक, पवन सिंह जिला मंत्री, महेंद्र चौहान, विमल निगम, मनीष, अभिषेक पांडेय, भुवेंद्र कुमार, सौरभ गुप्ता, मुन्ना लाल गुप्ता आदि मौजूद रहे।
कालिंजर में चंदेल कालीन समय से चला आ रहा कजली महोत्सव परंपराओं के साथ मनाया गया। नगर में दोपहर को शोभायात्रा निकली। इसमें हाथी, घोड़ा, ऊंट और कजली लिए महिलाएं शामिल थीं। झांकियों में आल्हा-ऊदल, सैय्यद चाचा, बौना चोर, पृथ्वीराज, मलहना का डोला, शंकर जी आदि शामिल रहे। बेला तालाब में शोभा यात्रा का समापन हुआ। यहां भव्य मेला लगा। उद्घाटन सांसद भैरो प्रसाद मिश्र और विधायक राजकरन कबीर ने किया। भाजपा नेता अतुल सुल्लेरे, धर्मेंद्र सोनकर, मेला समिति के शंकर कुशवाहा, सरजू कुशवाहा, बंशू सोनकर, विद्यासागर पांडेय, हजारीलाल कुशवाहा, कामता सोनकर प्रधान आदि शामिल रहे।