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जुमा अलविदा नमाज भी आज घर पर ही अदा करें

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बांदा। रमजान माह का आखिरी जुमा यानी जुमातुल विदा आ गया। शुक्रवार (22 मई) को 28वें रोजे के साथ रमजान के आखिरी जुमा की नमाज अदा की जाएगी। अलविदा की नमाज भी पिछले जुमा की तरह मस्जिदों में नहीं होगी। इसी भी लोगों को अपने घरों पर ही अदा करना होगा। ईद की नमाज भी घर पर ही अदा की जाएगी। ईदगाह या मस्जिद में नहीं।
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आखिरी जुमा (अलविदा) की नमाज में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ती है। लेकिन इस बार लॉकडाउन के चलते यह नजारा नजर नहीं आएगा। पिछले करीब डेढ़ महीने से बंद मस्जिदों के गेट अलविदा पर भी नहीं खुलेंगे। नमाजियों को यह नमाज घरों में ही अलग-अलग या अपने कुनबे के साथ अदा करनी होगी। अलबत्ता मस्जिदों में इमाम, मोअज्जन और मस्जिद का स्टाफ ही नमाज अदा कर सकेगा। अन्य लोग नहीं। यह पहला मौका होगा जब अलविदा में खचाखच और सड़क तक सफ लगने वाली मस्जिदें सूनी पड़ी होंगी।
शहर काजी अकील मियां ने कहा है कि लॉकडाउन में हुकूमत की पाबंदियों के मद्देनजर जुमा अलविदा या ईद की नमाज मस्जिद या ईदगाह में मुमकिन नहीं है। मुसलमान घर में ही रहकर यह नमाजें अदा करें। ईद के दिन चार रकअत नमाज बतौर शुकराना या चाश्त की नफिल नमाज अलग-अलग अदा करें।
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इस नमाज के बाद 34 बार अल्लाह-हो-अकबर की तस्बीह पढ़ें। घर में भी जमात न बनाएं। पंचवक्ता नमाज की तरह जुमा की नमाज भी घर पर अदा करें। उधर, आल इंडिया काजी बोर्ड के नायब सदर मौलाना मुमताज रब्बानी ने भी कहा है कि पिछले जुमा की तरह अलविदा की नमाज भी घरों पर अदा करें। ईद की नमाज भी सुबह नफिल नमाज के रूप में घर पर पढ़ें। इसके बाद 34 बार अल्लाह-हो-अकबर की तस्बीह पढ़ें।
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