राष्ट्रीय लोकदल और सरदार वल्लभ भाई पटेल सेवा संस्थान ने अलग-अलग आयोजनों में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती मनाई। उनके चित्र पर फूल चढ़ाए। किसानों का मसीहा और रहनुमा बताया गया।
मंगलवार को अशोक लाट में राष्ट्रीय लोक दल ने चौधरी साहब की जयंती मनाई। जिलाध्यक्ष लखन सिंह ने कहा कि मेरठ के एक गांव में साधारण किसान परिवार में जन्म लिया। उच्च शिक्षा लेकर आजादी की लड़ाई लड़ी। बाद में किसानों के बड़े नेता बनकर उभरे। देश के पहले किसान पुत्र प्रधानमंत्री बने।
जयंती कार्यक्रम में सुखराज सिंह, नईम नेता, हरेंद्र कुमार विद्यार्थी, मनीष गुप्ता, भोला प्रसाद खेंगर, रमाकांत मिश्र, रमेश प्रजापति, सुरेश तिवारी, बलवीर सिंह, रामशरण आदि शामिल रहे।
उधर, पटेल सेवा संस्थान ने हरदौली रोड स्थित कार्यालय में जयंती मनाई। प्रस्ताव पारित किया कि 23 दिसंबर को किसान दिवस घोषित किया जाए। प्रदेश सरकार द्वारा इस दिन सार्वजिनक अवकाश घोषित किए जाने पर खुशी जताई। अन्ना प्रथा रोकने की मांग की।
अध्यक्ष आरपी सिंह, पूर्व अध्यक्ष शिवपूजन सिंह ने चौधरी चरण सिंह को किसानों का मसीहा बताया। महामंत्री विद्याभूषण सिंह पटेल ने भी संबोधित किया। द्वारिका सिंह पटेल, रविकरण सिंह, डॉ.गणेश पटेल, राज कुमार सिंह, वीरेंद्र सिंह पटेल, केतराम पाल, ओम प्रकाश सिंह पटेल आदि उपस्थित रहे।