अतर्रा (बांदा)। बसपा सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने केंद्र व प्रदेश सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण का कोटा नहीं भरा जा रहा है। इससे दलितों और वंचितों की बेरोजगारी बढ़ती जा रही है।
हिंदू इंटर कॉलेज में एक जनसभा को संबाेधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सिर्फ पूंजीपतियों को मालामाल कर रहे हैं। आरएसएस वाले मुफ्त राशन का हवाला देकर जनता पर भाजपा को ही वोट देने का दबाव डाल रहे हैं, जबकि राशन मोदी अपनी जेब से नहीं बल्कि जनता से ही वसूले गए टैक्स के रुपयों से बांट रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा मुखिया अखिलेश यादव दलितों, अति पिछड़ों और आदिवासियों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा-सपा दोनों ही ब्राह्मण विरोधी हैं। यदि केंद्र में बसपा की सरकार बनी तो मुस्लिमों का उत्पीड़न रोका जाएगा और बेरोजगारी भी दूर की जाएगी।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की रिपोर्ट से साफ हो गया है कि बहुजन समाज पार्टी भाजपा और कांग्रेस की तरह पूंजीपतियों से चंदा नहीं लेती है, बल्कि पार्टी अपने सदस्यों के संघर्ष व उनसे एकत्र पैसों के दम पर चलती है। मायावती ने कहा कि बसपा के शासन काल में साधु-संतों गुरुओं के नाम पर रखे गए जिलों के एवं विश्वविद्यालय के नाम भी सपा एवं भाजपा सरकार ने बदल दिए।