बांदा। बच्चों के यौन शोषण करने के चर्चित मामले के मुख्य आरोपी निलंबित जेई रामभवन को एक बार फिर सीबीआई ने अपने कब्जे में ले लिया है। पांच दिन तक सीबीआई उसके उसके गुनाहों के सुबूत जुटाएगी।
गुरुवार को दोपहर करीब पौने एक बजे सीबीआई टीम के डिप्टी एसपी अमित कुमार अपने सात सदस्यीय दल के साथ दो लग्जरी वाहनों से जेल पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस सुबह ही जेल पहुंच गई थी। इसमें चालक सहित तीन स्वास्थ्य कर्मी थे। ये तीनों पीपीई किट पहने थे।
सीबीआई अधिकारियों के पास बुधवार को बांदा की पंचम अपर जिला जज (पाक्सो एक्ट) अदालत से दिए गए रिमांड मंजूरी के आदेश की प्रति थी। डिप्टी एसपी ने आदेश की प्रति जेल अधीक्षक को सौंपी। कुछ देर तक कागजी औपचारिकताओं के बाद दोपहर एक बजकर 14 मिनट पर सीबीआई टीम रामभवन को लेकर जेल गेट से बाहर निकली।
आरोपी रामभवन ने गेट से बाहर निकलते ही अपना चेहरा छिपाने को सिर पर कंबल डाल लिया। उसके हाथ में बैग भी था। सीबीआई टीम ने आरोपी को एंबुलेंस में बैठाया और खुद अपने वाहनों में बैठकर एंबुलेंस के पीछे-पीछे चित्रकूट स्थित कैंप कार्यालय रवाना हो गई।
गौरतलब है कि पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद रिजवान अहमद ने सीबीआई की रिमांड अर्जी स्वीकार करते हुए आरोपी को 26 नवंबर को सुबह 9 बजे से 30 नवंबर की शाम 4 बजे तक आरोपी रामभवन को कस्टडी में लेने की सशर्त अनुमति दी थी।