रोडवेज के सामने होटल ढहाती नगर पालिका की जेसीबी।
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बांदा। लगभग महीना भर पूर्व लाउडस्पीकर से चेतावनी देने के बाद खामोश प्रशासन बृहस्पतिवार को अचानक अतिक्रमण पर टूट पड़ा। लगभग आधा किलोमीटर अतिव्यस्त और रोजाना जाम लगने वाले नेशनल हाइवे पर दो सौ से ज्यादा दुकानें ध्वस्त कर दीं। किसी को भी अपना सामान हटाने तक की मोहलत नहीं दी। दुकानदारों को लाखों रुपये की चपत लगी। अतिक्रमण ढहा रहे जत्थे से दुकानदारों की नोकझोंक भी हुई, लेकिन पुलिस की तगड़ी व्यवस्था से विवाद तूल नहीं पकड़ सका।
पिछले माह नगर पालिका और प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने लेने की सार्वजनिक चेतावनी लाउडस्पीकर से जारी कराई गई थी। उसके बाद प्रशासन खामोश हो गया। फुटपाथों पर अतिक्रमण किए लोग भी बेफिक्र होकर कारोबार में मशगूल रहे। इन दिनों सहालग में सबकी दुकानदारी खूब चल रही थी। इसी बीच बृहस्पतिवार को सुबह नगर पालिका का जत्था आ धमका।
जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर व डंपर भी थे। सिटी मजिस्ट्रेट आरके श्रीवास्तव, नगर पालिका ईओ वीके श्रीवास्तव, सफाई निरीक्षक एचएस निरंजन और सिविल लाइन चौकी प्रभारी एके सिंह और कालूकुआं चौकी प्रभारी केके यादव समेत बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स भी था। बीएड कालेज पुराने भवन के पास से शुरूआत हुई। रोडवजे के सामने पक्के और पुख्ता बने होटल व दुकानेें जेसीबी ने ढहा दीं।
टीन-टप्पर और झुग्गी झोपड़ी भी नहीं बख्शी। सामान हटाने के भी मोहलत नहीं दी। अतिक्रमणकारियों मेें हड़कंप और भगदड़ मच गई। कुछ ने विरोध की जुर्रत जुटाई तो खाकी के रुआब ने उन्हें खामोश कर दिया। तमाम अतिक्रमणकारी अपनी दुकानें लेकर भागे। अतिक्रमण हटाने का यह अभियान जजी चौराहा, अशोक लाट तिराहा होता हुआ कचहरी रेलवे क्रांसिंग तक चला। भारी मात्रा में अतिक्रमण कारियों का सामान नगर पालिका कर्मी ट्रैक्टरों में भर ले गए। कई दुकानों में लूट खसोट मचा दी। दुकानदारों को लाखों का नुकसान पहुंचा है।