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जौहर यूनिवर्सिटी में खर्च हुए दो हजार करोड़-नसीमुद्दीन सिद्दीकी

Fri, 13 Mar 2015 11:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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कैबिनेट मंत्री आजम खां द्वारा अपने गृह नगर रामपुर में बनवाई गई मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में दो हजार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
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इस पर उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (श्रम विभाग) ने एक फीसदी की दर से सेस टैक्स के 20 करोड़ रुपये जमा करने का नोटिस यूनिवर्सिटी के कुलपति को जारी किया है। यह खुलासा उत्तर प्रदेश विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष और बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने किया है।

उन्होंने सवाल किया है कि इतनी भारी-भरकम रकम कहां से आई? शुक्रवार को यहां पत्रकार वार्ता में श्री सिद्दीकी ने मीडिया को उस नोटिस की फोटो प्रतियां उपलब्ध कराईं जो उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (उत्तर प्रदेश शासन श्रम विभाग) के उपकर कोआर्डिनेटर एवं सलाहकार एचएस यादव ने 23 जनवरी को जारी किया है।
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इसमें यूनिवर्सिटी के कुलपति से कहा गया है कि यूनिवर्सिटी एवं परिसर में विभिन्न बिल्डिंग आदि के साथ झील का भी निर्माण चल रहा है। इसमें 16 बिल्डिंग एवं बाउंड्रीवॉल बनाई जा चुकी हैं। 22 बिल्डिंग निर्माणाधीन हैं। इसकी कुल लागत लगभग दो हजार करोड़ रुपये है।

कोआर्डिनेटर ने सेस एक्ट 1996 एवं 1998 का हवाला देकर कहा है कि संपूर्ण निर्माण कार्य लागत का एक प्रतिशत उपकर (सेस टैक्स) 20 करोड़ रुपये होता है, लेकिन खेद है कि यह अभी तक जमा नहीं किया गया।

बोर्ड कोआर्डिनेटर ने यह भी कहा है कि यूनिवर्सिटी में जितने भी भवन एवं अन्य निर्माण से संबंधित कार्य कराए गए हैं उनकी सूचना निर्धारित प्रारूप में भी उपलब्ध कराई जाए। सेस टैक्स जमा न करने व दो हजार करोड़ रुपये रकम खर्च पर सवाल उठाते हुए श्री सिद्दीकी ने कहाकि आजम खां को बताना चाहिए कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई। 

उन्होंने यह भी बताया कि नोटिस जारी करने वाले उप कोआर्डिनेटर/परामर्शदाता एचएस यादव को बोर्ड के सचिव एसडी शुक्ल ने तत्काल प्रभाव से हटा दिया है जबकि नियुक्ति अप्रैल 2015 तक के लिए थी। 

‘बसपा सरकार ने नहीं रोका कोई मेडिकल कॉलेज’
पूर्व मंत्री व नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मुख्यमंत्री के बयानों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार ने किसी मेडिकल कॉलेज का निर्माण नहीं रोका।

गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री ने बसपा सरकार पर सपा सरकार द्वारा कन्नौज, जालौन और आजमगढ़ जनपदों में बनवाए गए मेडिकल कॉलेजों को चलने न देने का आरोप लगाया था।

श्री सिद्दीकी ने कहा कि कन्नौज में 16 मार्च 2009 को तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने उद्घाटन किया था। जालौन में आज तक लोकार्पण की रस्म ही नहीं हुई। न ही बसपा सरकार में यह मेडिकल कॉलेज शुरू हुआ। हाल ही में पता चला है कि केंद्र सरकार ने मानक पूरा न होने पर इस मेडिकल कॉलेज पर रोक लगा दी है।

उन्होंने कहा कि बांदा मेडिकल कॉलेज बसपा सरकार की देन है। इसे चालू कराने के लिए सत्ता से हटने के बाद भी लगातार वह और एमएलसी हुस्ना सिद्दीकी व बसपा के अन्य विधायक लगातार विधान परिषद में मांग करते रहे।

पत्रकार वार्ता में एमएलसी नौशाद अली, अशोक जाटव, अतहर हुसैन, जिला पंचायत अध्यक्ष बल्देव वर्मा, बसपा जिलाध्यक्ष प्रदीप वर्मा, पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल, मोहम्मद इदरीस, लल्लू निषाद आदि उपस्थित रहे।

‘बसपा सरकार ने महंगा कराया मेडिकल कॉलेज’
बांदा। सपा विधायक विशंभर सिंह यादव ने आरोप लगाते हुए कहा है कि बांदा मेडिकल कॉलेज की लागत महंगी होने के लिए तत्कालीन बसपा सरकार और मंत्री रहे नसीमुद्दीन जिम्मेदार हैं। यह भी कहा कि निहित स्वार्थों के चलते जिस मेडिकल कॉलेज को अधूरा छोड़ दिया गया था, उसे सीएम अखिलेश यादव ने पूरा करके बुंदेलखंड को तोहफा दिया है।
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शुक्रवार को जारी बयान में सपा विधायक ने कहा कि श्री सिद्दीकी की मेडिकल कॉलेज निर्माण में अरुचि से बसपा शासन के चार साल में सिर्फ 139 करोड़ रुपये मिले। लागत 25,543 लाख से बढ़कर 40,388 लाख हो गई पर सपा के मुख्यमंत्री ने दो साल में मेडिकल कॉलेज के लिए 204.39 करोड़ रुपये दिए हैं। इससे ओपीडी तैयार हुई है।
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