बांदा। जानलेवा हमले के जुर्म में दो दोषियों को जिला न्यायाधीश गजेंद्र कुमार ने शुक्रवार को पांच-पांच वर्ष की जेल और एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर 6 माह की अतिरिक्त जेल भुगतना होगी।
विधाता पुरवा (तेंदुरा, बिसंडा) गांव निवासी आशा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12 जुलाई 2015 की रात गांव के रामखेलावन का पुत्र विकास और सउवा का बेटा राजकुमार घर में घुस आए हमला कर दिया। पति संतोष का गला दबा लिया और ईंट से वारकर घायल कर दिया। पड़ोसियों के आने पर दोनों भाग निकले। घायल का कानपुर में इलाज चला। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह परिहार और अपर जिला शासकीय अधिवक्ता उमाशंकर पाल ने 10 गवाह पेश किए। शुक्रवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद जिला न्यायाधीश ने दोनों को दोषी पाते हुए जेल और जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया।
हत्या के आरोपी तीन सगे भाई बरी
बांदा। हत्या के आरोप में फंसे तीन सगे भाइयों को साक्ष्य के अभाव में जिला न्यायाधीश गजेंद्र कुमार ने बरी कर दिया। पैलानी क्षेत्र के पड़ेरी गांव निवासी रामलखन विश्वकर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा था कि उसका भाई शिवलखन (22) 14 अप्रैल 2018 को रामपुर सब्जी बेचने गया था। रात में घर नहीं लौटा। सुबह तुर्रा नाला के पास खेत में शव मिला। गांव के रामकरन, शिवकरन, रामखिलावन को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। अभियोजन की ओर से गवाह के रूप में 9 पुलिस कर्मियों को अदालत में पेश किया गया। अभियुक्तों की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज यादव ने की। दोनों पक्षों की बहस और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद जिला न्यायाधीश ने तीनों भाइयों को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया। (संवाद)