बांदा। सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की जननी सुरक्षा योजना के तहत बांदा जिले की 7,454 प्रसूताओं को अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। छह माह से बजट न होने के कारण इन महिलाओं के खातों में राशि नहीं भेजी जा सकी है। अप्रैल से अब तक जिले में 24,615 से अधिक प्रसव हो चुके हैं, जिनमें से केवल 17,161 महिलाओं को ही योजना का लाभ मिला है।
जिला महिला अस्पताल और जिले की आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में अप्रैल माह से अब तक 24,615 से अधिक प्रसव संपन्न हुए हैं। इनमें शहरी क्षेत्र के 2,083 और ग्रामीण क्षेत्र के 22,532 प्रसव शामिल हैं। ऑपरेशन से हुए प्रसवों की संख्या है। जननी सुरक्षा योजना के तहत शहरी महिलाओं को एक हजार रुपये और ग्रामीण महिलाओं को प्रसव के 20 दिन के भीतर 1,400 रुपये की राशि उनके खाते में भेजी जाती है। हालांकि, बजट की अनुपलब्धता के चलते 7,454 प्रसूताओं को इस आर्थिक सहायता से वंचित रहना पड़ा है।
अप्रैल माह से अब तक जिला महिला अस्पताल में प्रसवों की संख्या सर्वाधिक रही है, जो 4,635 है। इनमें ग्रामीण क्षेत्र की 3,636 और शहरी क्षेत्र की 999 महिलाओं ने प्रसव कराए। इन प्रसूताओं में से लगभग दो हजार महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ मिला, जबकि शेष को यह राशि प्राप्त नहीं हो सकी।
सर्वाधिक चार हजार से ज्यादा प्रसव जिला महिला अस्पताल में
बांदा। जिला महिला अस्पताल में सर्वाधिक प्रसव अप्रैल माह से अब तक 4,635 प्रसव कराए जाने का आंकड़ा है। यहां ग्रामीण क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्र की 3636 व शहरी क्षेत्र की 999 महिलाओं ने अपने प्रसव कराए हैं। इनमें से करीब दो हजार महिलाओं को जननी सुरक्षा का लाभ मिला है, शेष को नहीं मिल सका है।
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वर्जन
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जननी सुरक्षा के तहत सात हजार से ज्यादा प्रसूताओं के खाते में रुपया नहीं पहुंच पाया था। शासन ने कुछ रुपये आए हैं। तीन-चार दिन में सबके खाते में रुपये पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। शहरी व ग्रामीण महिलाओं के पासबुक, आधार कार्ड, डिस्चार्ज कार्ड, टीकाकरण कार्ड का रिकार्ड देखकर उनके खातों में रुपये पहुंचाया जाएगा।
डॉ. विजेंद्र सिंह
सीएमओ, बांदा।
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