1974 में बांदा के रामलीला मैदान में जनसभा में आए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के साथ अशोक त्रिपाठी जीतू।
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भारत रत्न तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति बुुंदेलखंडियों में भी बेहद सम्मान रहा। अटलजी एक बार बांदा आए थे। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू बताते हैं कि उनके पिता रामरतन शर्मा 1971 में भारतीय जन संघ से लोकसभा का चुनाव लड़े थे। देश में वे पहले जनसंघ के सांसद हुए। रामरतन शर्मा को दिल्ली में सांसद के रूप में आवास नहीं आवंटित हुआ था।
अटलजी ने उन्हें संसद भवन स्थित जनसंघ कार्यालय में लंच पर बुलाया। उनके साथ जीतू भी थे। अटलजी ने गजक खिलाई और कहा कि पंडित पंत मार्ग पर स्थित 9 नंबर बंगला उन्होंने अर्थशास्त्री नारायण स्वरूप को दे दिया था और खुद रायसीना रोड पर 6 नंबर बंगले पर आ गए हैं। इसके बाद अटलजी रामरतन शर्मा को पंत मार्ग स्थित बंगले पर ले गए और नारायण स्वरूप से परिचय कराया। उन्हें बंगला रहने को दे दिया। साथ ही उनको लोकसभा में उप सचेतक भी नियुक्त कर दिया।
जीतू ने बताया कि 1974 में अटल जी बांदा आए। रामलीला मैदान में उनकी विशाल जनसभा हुई थी। रामरतन शर्मा (अब स्वर्गीय) उस समय सांसद थे। यहां आते ही अटल जी ने जीतू को भी पहचान लिया। युवाओं ने उनकी अगवानी की। जीतू बताते हैं कि अटल जी 1986 में चित्रकूट भी आए थे। वे बेहद सरल स्वभाव के थे।