अतर्रा में प्रदर्शन करते नागरिक।
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केंद्र सरकार द्वारा एससीएसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में वकीलों, समाजसेवियों और व्यापारियों ने प्रदर्शन कर सरकार विरोधी नारे लगाते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब तीस मिनट बाद जाम खुल सका।
अधिवक्ता अमर सिंह राठौर ने कहा कि भाजपा सरकार ने एससीएसटी एक्ट में कई नए प्रावधानों को जोड़कर सामान्य व पिछड़ा वर्ग को हतोत्साहित करने का प्रयास किया है। निर्दोष लोगों को जबरन जेल में ठूंस दिया जाएगा।
अधिवक्ता राजेश द्विवेदी ने कहा कि भाजपा सरकार तानाशाही पूर्ण रवैये से कार्य कर रही है। प्रवीण सिंह ने कहा कि सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग पर शोषण के मंसूबों को पूरा नहीं होने दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता ब्रम्हदत्त शुक्ला, डा. अशोक पाठक, नंदलाल सिंह, राजेश सिंह, दीपक सिंह, कल्लू उपाध्याय आदि मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने 6 सितंबर (गुरूवार) को भारत बंद के समर्थन का ऐलान किया।