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जल जीवन मिशन : कहीं हर गंगे...कहीं सूखे पड़े नल

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बांदा। मशहूर शायर अदम गोंडवी ने लिखा है कि ‘तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं ऐ दावा किताबी है... शुद्ध पेयजल के लिए चर्चित जल जीवन मिशन की हर-घर नल से जल योजना पर भी यह लागू होता है। कागज में यह भी ठीक बताई जा रही है, जबकि हकीकत में इसका भी हाल ठीक नहीं है। पांच गांवों की पड़ताल की गई तो पाइपलाइन बिछाकर घरों के बाहर हैंडपोस्ट नल खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन कहीं पानी आ रहा है तो कहीं नलों की टोटियां सूखी हैं। सडकें खुदी पड़ी हैं। लीकेज से सड़कों पर पानी भरने से दलदल बन गया है।
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वर्ष 2020-2021 में शुरू हुई 2036 करोड़ की खटान और अमलीकौर परियोजना में कार्यदायी संस्थाओं ने 1618 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं। पांच सौ से अधिक गांवों में पाइपलाइन बिछा दी गई है। कनेक्शन कर दिए गए हैं, लेकिन आलम यह है कि कहीं पानी आ रहा है तो कहीं नलों को खोलने पर हवा निकल रही है।
पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कें पाट तो दी गईं हैं, लेकिन उन्हें पक्का नहीं किया गया है। पाइप में लीकेज की वजह से गांव के गांव जलभराव और दलदल का दंश झेल रहे हैं। यूं तो योजना को मार्च 2024 में पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन ‘इसकी रफ्तार, नौ दिन चले अढ़ाई कोस वाली है। अब सरकार ने योजना के पूरी होने की अंतिम तिथि 25 जनवरी निर्धारित की है, लेकिन अब भी अमलीकौर में पांच गांव और खटान में 63 गांवों में पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। इस तरह जिले के 68 गांवों के लोगों को शुद्ध पानी की आपूर्ति का इंतजार है।
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12 करोड़ रुपये तक हो चुका जुर्माना

काम में देरी पर जल जीवन मिशन के तहत खटान परियोजना का कार्य कराने वाली कार्यदायी संस्था एलएण्डटी पर पांच करोड़ रुपये व अमलीकौर का काम कराने वाली संस्था एनसीसी पर सात करोड़ रुपये का जुर्माना हो चुका है।



योजना में देरी की वजह

कार्यदायी संस्था के अधिकारियों का कहना है कि कई गांवों में लोगों ने पाइपलाइन डालने के लिए सीसी रोड को खोदने ही नहीं दिया। पाइपलाइन डल दी गई तो लोग कनेक्शन लेने में आनाकानी करते रहे हैं। कुछ लोग नलों और टोटियों को तोड़ देते हैं। इस वजह से समस्या आती है।
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एक नजर में खटान परियोजना

कुल लागत 1294 करोड़, खर्च हुए 1114 करोड़ रुपये

कुल गांव 348, पानी की आपूर्ति हो रही 285 गांवों में

टंकी बननी थी -116, तैयार 115, एक निर्माणधीन

पाइपलाइन डालनी थी - 3700 किलोमीटर, कार्य पूरा

सीडब्ल्यूआर-36, बनकर 35 तैयार, एक शेष



एक नजर में अमलीकौर परियोजना

कुल लागत 742 करोड़, खर्च हुए 614 करोड़ रुपये

कुल गांव 204, पानी आपूर्ति की हो रही 199 गांवों में

कुल टंकी-80, बनकर तैयार 79, एक निर्माणाधीन।

सीडब्ल्यूआर-13, सभी बनकर तैयार हैं

पाइपलाइन डालनी थी- 2200 किलोमीटर, कार्य पूरा
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