रामलीला मैदान में आयोजित जनसभा में अरुण जेटली। (फाइल फोटो)
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बांदा। भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली से यहां के तमाम भाजपाईयों से दिली लगाव था। यही वजह थी कि कार्यकर्ताओं के आग्रह को स्वीकार करते हुए उन्होंने यहां दो बार विधान सभा व लोक सभा चुनाव में जनसभा को संबोधित किया था। कार्यकर्ताओं को इतने बड़े नेता के साथ सहज भाव में मुलाकात की याद भूल नहीं रही।
पहली बार वह वर्ष 2007 के विधान सभा चुनाव में पूर्व विधायक व पार्टी प्रत्याशी राजकुमार शिवहरे के चुनाव में जनसभा को संबोधित करने आए थे। शहर के बीच रामलीला मैदान में उनकी सभा में यादगार भीड़ उमडी थी। पूर्व विधायक शिवहरे का कहना है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री उमाभारती से लगाव के चलते उनके साथ दिल्ली में कई बार जेटली जी मुलाकात हुई।
पार्टी से टिकट मिला तो उन्होंने जनसभा में समय देने का अनुरोध किया। अनुरोध स्वीकार करते हुए उन्होंने यहां रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया। दो साल बाद ही वर्ष 2009 के लोक सभा चुनाव में वह इसी मैदान पर पार्टी प्रत्याशी अमिता बाजपेयी के समर्थन में जनसभा करने आए थे।
भाजपा जिलाध्यक्ष लवलेश सिंह ने बताया कि जनसभा के बाद उन्होंने कार्यकर्ताओ के बीच एक घंटे बिताया। उनका कहना था कि हमारे कार्यकर्ता को सिर्फ प्यार चाहिए। कार्यकर्ताओं के प्रति उनका सहज भाव स्मरणीय है। पूर्व सांसद स्वर्गीय रामरतन शर्मा से उनके कई दशकों पुराने संबंध थे। पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू ने बताया कि दिल्ली में जब भी उनसे मिलना चाहा कभी परेशानी नहीं हुई। कटरा मोहल्ला निवासी आयकर के वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय राजेंद्र गुप्ता राजू से भी उनके व्यक्तिगत संबंध थे।