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मेठ पर हमले में जेल और जुर्माना

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बांदा। सरकारी योजना की नाली खुदवा रहे मेठ को लाठी-फरसा से घायल कर देने के जुर्म में आरोपियों को विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी) रामकरन द्वितीय ने अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई। एक अन्य आरोपी का गैर जमानती वारंट जारी हुआ है।
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नरैनी थाना क्षेत्र के मोटे पुरवा (पुंगरी) में 9 नवंबर 2003 को सुबह अनुसूचित जाति का नंदराम नाली खुदवा रहा था। तभी गांव के पवन कुमार पुत्र रमाशंकर मिश्रा, रामसुयश द्विवेदी पुत्र बाबूलाल, दद्दू उर्फ जयकरन यादव पुत्र शंकरलाल, मुनि पुत्र रामसनेही आरख, चंद्रपाल पुत्र रामकृपाल आरख ने उसके सिर में फरसा मार दिया। गिर जाने पर पटक कर और लाठी से पीटा। पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज न किए जाने पर घायल नंदराम ने सीजेएम न्यायालय में धारा 156(3) के तहत अर्जी दी।
अदालत के आदेश पर 29 नवंबर 2003 को रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र दाखिल किया। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता विमल सिंह ने पांच गवाह पेश किए। वादी की ओर से अधिवक्ता चुनुबाद प्रसाद ने पैरवी की। मंगलवार को विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्त पवन कुमार, रामसुयश द्विवेदी और दद्दू उर्फ जयकरन को धारा 147 में 1-1 वर्ष, धारा 323/149 में 6-6 माह और 324/149 में 2-2 वर्ष, धारा 504 में 6-6 माह, धारा 506 (2) में एक-एक वर्ष और धारा 3(1)10 एससीएसटी एक्ट में 1-1 वर्ष की कैद और 2-2 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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