नवरात्र की अष्टमी पर देवी मंदिर महागौरी के जयकारों से गूंज उठे। महिला श्रद्धालुओं में अठवाईं चढ़ाने को लेकर विशेष उत्साह रहा। तड़के भीड़ के चलते पूजा-अर्चना, अठवाईं आदि के लिए धक्का मुक्की की स्थिति रही।
जगह-जगह कन्या भोज भी हुए। शुक्रवार को अष्टमी मनाई गई। अन्य दिनों की अपेक्षा इस दिन श्रद्धालुओं की संख्या कुछ ज्यादा रही। तड़के से ही महेश्वरी देवी, काली देवी, सिंहवाहिनी, चौसठ जोगिनी, मरही माता इत्यादि मंदिरों में महिला-पुरुष प्रतिमाओं के दर्शन और पूजन के लिए आते रहे। सर्वाधिक श्रद्धालु महेश्वरी देवी मंदिर में देखे गए।
तड़के से देर रात तक मंदिर के घंटे लगातार घनघनाते रहे। अठवाईं में पान, बताशा, नारियल, रोट (पूड़ी) और हल्दी-चावल का ऐपन समर्पित की गई। खुशबूदार धूपबत्तियों के धुएं से समूचे मंदिर परिसर में धुंध छाई रही। तमाम श्रद्धालुओं ने अपने घरों से मंदिर तक का रास्ता पग-पग पर लेट कर पूरा किया। उनके साथ चल रहे परिजनों के जत्थे देवी गीत गाते रहे।
मंदिर रिसीवर दयाराम गुप्ता के निर्देशन में स्काउट-गाइड स्वयंसेवक व्यवस्थाएं संभाले रहे। काली देवी मंदिर में भी श्रद्धालुओं का भारी जमघट रहा। पुजारी तुलसीदास ने पूजा-अर्चना में श्रद्धालुओं की मदद की। सिंहवाहिनी मंदिर में कांग्रेस नेता प्रद्युम्न कुमार दुबे उर्फ लालू ने भंडारा कराया। मरही माता मंदिर में भंडारा व कन्या भोज बदस्तूर चलता रहा।
उधर, संकट मोचन मंदिर में कथा वक्ता सारंग महराज ने कहा कि परमात्मा से आत्म साक्षात्कार के लिए किसी तंत्र-मंत्र की आवश्यकता नहीं है। आंख बंद करके बैठ जाना और प्रभु को याद करना चाहिए। श्रीमद्भागवत का हवाला देकर कहा कि परमात्मा ने कहा है कि भक्त मेरी ओर चलके देखे, मैं तुम्हें मंजिल तक न पहुंचा दूं कहना।
उधर कनवारा स्थित मंदिर में जय मां काली सेवा समिति की ओर से भंडारे में कन्याओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भक्तों ने मां काली के दर्शन पूजन कर मन्नतें मांगी। समिति प्रबंधक रामदास साहू, अध्यक्ष सुभाषचंद्र शुक्ला,राजकुमार, श्यामू, करन, अजय, सत्यम व प्रदीप सिंह व्यववस्था में रहे।
बबेरू प्रतिनिधि के अनुसार, मढ़ी दाई मंदिर में अष्टमी पर बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। अठवाईं चढ़ाकर मन्नतें मांगी। कन्या भोज के आयोजन हुए। उधर, बाकल के जोगिनी मंदिर में भी श्रद्धालुओं का जमघट रहा। मंदिरों के आसपास मेले जैसा नजारा है।
महेश्वरी देवी मंदिर में दो चेन स्नैचिंग
महेश्वरी देवी मंदिर में पुलिस सुरक्षा के बावजूद दो महिलाओं के साथ चेन स्नैचिंग हो गई। शुक्रवार को सुबह महेश्वरी देवी में अष्टमी पर अठवाईं चढ़ाने आई छिपटहरी निवासी कोमल और जरैली कोठी मोहल्ले की गुड़िया के साथ चेन स्नैचिंग की घटनाएं हो गईं। पुलिस सुरक्षा-व्यवस्था के बावजूद मंदिर के भीतर दोनों महिलाओं के साथ अलग-अलग घटनाएं घटीं।
डेढ़-डेढ़ तोले का सोने का मंगलसूत्र उनके गले से किसी ने नोंच लिया। दोनों ने पास में खड़ी एक महिला पर शक जताया है, जो नीले रंग की साड़ी पहने थी। उसका रंग सांवला था। मंदिर के अंदर तैनात दो महिला कांस्टेबिल उन्हें भांप नहीं पाईं। उधर, कोतवाली प्रभारी रनवीर सिंह का कहना है कि उन्हें फिलहाल कोई तहरीर नहीं मिली है।
अभिलेखों में अपराधी, जेल में व्रत
पुलिस अभिलेखों में जो अपराधी हैं, वे जेल जाकर धर्मावलंबी बने हैं। नवरात्र पर जेल मेें कई माफिया और अपराधी व्रत के साथ रोजाना पूजा-पाठ कर रहे हैं। जेल प्रशासन उन्हें इसके लिए जरूरी खाद्य सामग्री और फल-फ्रूट मुहैया करा रहा है। कुछ बंदियों ने कलश स्थापना भी की है। बांदा जेल में इन दिनों 1265 बंदी है। इनमें 51 महिलाएं और छह बच्चे भी हैं।
इनमें 188 पुरुष और नौ महिला बंदी नवरात्र पर रोजाना व्रत रखकर पूजापाठ कर रहे हैं। नौ दिन का व्रत रखने वालों में नोएडा जेल से यहां भेजे गए अनिल दुजाना के अलावा दस्यु ददुआ गिरोह के नायब रहे राधे कुर्मी और रोहणी उर्फ तहसीलदार भी शामिल हैं। दस्यु सरगना संग्राम सिंह और उसके भाई राजाबाबू ने भी व्रत रखा है।
जेल में व्रत रखने वालों को जेल प्रशासन भी मदद दे रहा है। जेल मैन्युअल के मुताबिक उन्हें रोजाना 500 ग्राम उबले आलू, 100 ग्राम चीनी, 250 ग्राम मौसमी फल आदि दिया जा रहा है। इसके अलावा दिन में दो मर्तबा चाय भी परोसी जा रही है। जेल में कुछ बंदियों ने नौ दिन का व्रत रखने के साथ ही घट (कलश) स्थापना भी की है।
उन्हें जेल प्रशासन पूजन सामग्री दे रहा है। व्रत रखने वाले बंदियों को अपने घर से भी फल आदि मंगाने की छूट दी गई है। जेल अधीक्षक एचबी सिंह ने बताया कि जो भी सुविधा दी जा रही है वह जेल मैन्युअल के मुताबिक है। व्रत रखने वाले बंदियों से कामकाज भी नहीं कराया जा रहा।