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‘मां जगदंबे’ के जयकारों के साथ नवरात्र शुरू

Fri, 08 Apr 2016 11:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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काली देवी मंदिर में पूजा-अर्चना करतीं महिला। - फोटो : अमर उजाला
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बांदा। देवी मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ चैत्र नवरात्र शुरू हो गए। पहले दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। देवी मां के जयकारे के साथ जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की गई। नौ दिन व्रत रखने वालों ने घरों में कलश स्थापना की और जवारे बोए। तमाम महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने बैठकी (प्रतिपदा) पर एक दिन का व्रत रखा। विंध्यवासिनी, कालका देवी समेत तमाम शक्तिपीठों में मेला शुरू हुआ।
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शुक्रवार को तड़के से महेश्वरी देवी, काली देवी, सिंहवाहिनी, चौसठ जोगिनी, मरही माता, कालका देवी, महामाई समेत जगह-जगह मंदिरों में घंटों और जगदंबे के जयकारे गूंजते रहे। महेश्वरी देवी व काली देवी मंदिर में सुरक्षा के लिए पुलिस व होमगार्ड जवान तैनात रहे।

देवी मंदिर नवयुवक समाज के स्वयंसेवकों ने भी व्यवस्था संभाली। पुरोहितों ने देवी पुराण व दुर्गा सप्तशती पाठ शुरू किया। मंदिरों के आसपास मेला सा नजारा रहा। उधर, घरों में नौ दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की। अधिकांश श्रद्धालुओं ने बैठकी पर एक दिन का व्रत रखा। बेंदाघाट यमुना तट पर कालका देवी में नौ दिवसीय मेला शुरू हुआ।
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बबेरू के मढ़ीदाई मंदिर में दिनभर देवी भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिर परिसर में देवी मां की प्रतिमा स्थापित की गई। श्रद्धालुओं ने घरों में जवारे बोकर नौ दिन का व्रत शुरू किया। बाकल की जोगिनी माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। मेला में क्षेत्रीय श्रद्धालुओं के अलावा समीपवर्ती फतेहपुर व कौशांबी जिले से आए आस्थावानों ने पूजा-अर्चना की।

गिरवां के सिद्धीदात्री खत्री पहाड़ स्थित विंध्यवासिनी देवी परिसर में 10 दिवसीय मेला शुरू हो गया। पहले दिन दर्शन और पूजन के लिए भक्तों का रेला उमड़ा। सीमावर्ती मध्य प्रदेश के पन्ना, छतरपुर, सतना आदि जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवी दर्शन के लिए पहुंचे। पुरोहितों ने शतचंडी यज्ञ और पाठ की शुरूआत की। मेला आयोजन समिति ने प्रशासन से बिजली और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
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